पूर्व विधायक सीपू सिंह हत्याकांड: नहीं हुई गवाही, अदालत ने यह की अगली तारीख
मंगलवार को पूर्व विधायक सर्वेश सिंह उर्फ सीपू हत्याकांड में संतोष सिंह उर्फ टीपू की गवाही होनी थी। सुनवाई शुरू होते ही आरोपियों के अधिवक्ताओं की तरफ से कहा गया कि सुनवाई के समय मुख्य आरोपी ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू अदालत में उपस्थित नहीं हैं। इसलिए गवाही टाल दी जाए।
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पूर्व विधायक सर्वेश सिंह उर्फ सीपू हत्याकांड में मंगलवार को गवाही नहीं हो पाई। जिस पर आजमगढ़ जिले की अदालत ने गवाही व सुनवाई की अगली तारीख 30 जुलाई तय की है। मुख्य आरोपी कुंटू सिंह के अधिवक्ता ने न्यायालय में ये कहा कि आरोपी मौजूद नहीं है, ऐसे में गवाही टाल दी जाए। जिस पर न्यायालय ने अगली तारीख तय की।
अभियोजन की तरफ से पैरवी कर रहे विशेष अभियोजक व वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादुर सिंह ने बताया कि मंगलवार को पूर्व विधायक सर्वेश सिंह उर्फ सीपू हत्याकांड में संतोष सिंह उर्फ टीपू की गवाही होनी थी। सुनवाई शुरू होते ही आरोपियों के अधिवक्ताओं की तरफ से कहा गया कि सुनवाई के समय मुख्य आरोपी ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू अदालत में उपस्थित नहीं हैं। इसलिए गवाही टाल दी जाए।
जिसका विरोध अभियोजन पक्ष ने किया। मुकदमे के प्रमुख गवाह टीपू सिंह ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि उनके जीवन को खतरा है। वादी को यह संदेह है कि मुकदमे में यह विलंब वादी को मुकदमे से हटाने के लिए किया जा रहा है। एक गवाह अजीत सिंह की 6 जनवरी को लखनऊ में हत्या हो चुकी है।
पूर्व विधायक सर्वेश सिंह की जीयनपुर में उनके आवास के पास 19 जुलाई 2013 हत्या कर दी गई थी। उनके साथ सहयोगी भरत राय की भी हत्या हुई थी। मुकदमे के पहले गवाह संतोष सिंह उर्फ टीपू से अलग-अलग आरोपियों के अधिवक्ता जिरह कर रहे हैं, जिसके चलते अभी संतोष सिंह की ही गवाही चल रही है। अधिवक्ता लाल बहादुर सिंह ने बताया कि कई गवाह भयभीत है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस हत्याकांड के मुकदमे में प्रतिदिन सुनवाई का आदेश दिया हुआ है।