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राज्यपाल के साथ हो रही साजिश
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 03 Mar 2015 11:40 PM IST
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मध्य प्रदेश के राज्यपाल और पूर्व मुख्यमंत्री रामनरेश यादव पर दर्ज एफआईआर के विरोध में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर धरना दिया गया। जिसमें वक्ताओं ने राज्यपाल को एक साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया।
धरने को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष्ा हवलदार यादव ने कहा कि राज्यपाल रामनरेश यादव साथ्ा साजिश की जा रही है। अन्य वक्ताओं ने कहा रामनरेश यादव के विरुद्ध निराधार और साजिशन एफआईआर दर्ज होने से पूर्वांचल विशेष तौर पर आजमगढ़ का जन मानस क्षुब्ध है।
रामनरेश यादव अपने लंबे राजनीतिक और सामाजिक जीवन में अपनी स्वच्छ छवि, सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक रहे हैं।
उनके उज्जवल चरित्र को धूमिल करने की नियत से एफआईआर दर्ज कराई गई। इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किय जाएगा। जो भी ऐसा कर रहा है उसके खिलाफ आंदोलन को धार दी जाएगी।
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धरने के बाद लोगों द्वारा तहसीलदार सदर के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री भारत सरकार को ज्ञापन भेजा गया।
जिसमें उनसे राज्यपाल रामनरेश यादव के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की गई।
इस मौके पर पूर्व सांसद बलिहारी बाबू, राजाराम यादव, लालसा राय,
राजकुमार पांडेय, दीवनी बार अध्यक्ष दयाराम यादव, आद्याप्रसाद सिंह, नियाज अहमद दाउदी, आरपी राय, डा. सुरेश यादव, पतिराम यादव, मालती मिश्रा, मुन्नू यादव समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
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धरने को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष्ा हवलदार यादव ने कहा कि राज्यपाल रामनरेश यादव साथ्ा साजिश की जा रही है। अन्य वक्ताओं ने कहा रामनरेश यादव के विरुद्ध निराधार और साजिशन एफआईआर दर्ज होने से पूर्वांचल विशेष तौर पर आजमगढ़ का जन मानस क्षुब्ध है।
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रामनरेश यादव अपने लंबे राजनीतिक और सामाजिक जीवन में अपनी स्वच्छ छवि, सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक रहे हैं।
उनके उज्जवल चरित्र को धूमिल करने की नियत से एफआईआर दर्ज कराई गई। इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किय जाएगा। जो भी ऐसा कर रहा है उसके खिलाफ आंदोलन को धार दी जाएगी।
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धरने के बाद लोगों द्वारा तहसीलदार सदर के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री भारत सरकार को ज्ञापन भेजा गया।
जिसमें उनसे राज्यपाल रामनरेश यादव के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की गई।
इस मौके पर पूर्व सांसद बलिहारी बाबू, राजाराम यादव, लालसा राय,
राजकुमार पांडेय, दीवनी बार अध्यक्ष दयाराम यादव, आद्याप्रसाद सिंह, नियाज अहमद दाउदी, आरपी राय, डा. सुरेश यादव, पतिराम यादव, मालती मिश्रा, मुन्नू यादव समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।