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Azamgarh News: गहरे और पेचीदा सवालों ने बढ़ाई मुश्किल
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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की मुख्य परीक्षा देकर बाहर निकलते परीक्षार्थी। संवाद
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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की मुख्य परीक्षा रविवार को 15 केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस बार परीक्षा का स्तर उम्मीद से कहीं ज्यादा उच्च रहा। सामान्य अध्ययन से लेकर गणितीय खंड तक में प्रश्नों का प्रारूप पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। इस बार अधीनस्थ आयोग ने पहली बार पांचवें विकल्प का प्रयोग किया। इससे परीक्षार्थियों में दुविधा की स्थिति बन रही। 15 केंद्रों पर हुई परीक्षा में 5,732 अभ्यर्थियों ने भागीदारी की। जबकि 6,888 अभ्यर्थी पंजीकृत थे।
परीक्षार्थियों ने बताया, इस बार सीधे तथ्यात्मक प्रश्न गायब थे, जिनकी जगह गहरे और विश्लेषणात्मक प्रश्नों ने ले ली थी। निगेटिव मार्किंग होने के कारण छात्रों को बहुत संभलकर निर्णय लेना पड़ा।
डीएम और एसएसपी ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रैदोपुर, डीएवी कॉलेज समेत अन्य परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों में अभ्यर्थियों के प्रवेश और बैठने की व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा प्रबंध, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, स्ट्रांग रूम तथा परीक्षार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जांच की। जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों, सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को आयोग व शासन के सभी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता और शुचिता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
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परीक्षा केंद्रों पर अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक के साथ प्रश्नपत्र और परीक्षा सामग्री की सुरक्षा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को केंद्रों के आसपास कड़ी निगरानी रखने और परीक्षा में किसी भी प्रकार का व्यवधान न होने देने के निर्देश दिए। जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार ने बताया कि परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक एक पाली में हुई। जिले में कुल 6,888 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें 5,732 उपस्थित और 1,156 अनुपस्थित रहे।
सामान्य अध्ययन का स्तर बहुत ऊंचा था। सीधे फैक्ट पूछने के बजाय सवालों को घुमा कर पूछे गए थे। ऐसा लग रहा था जैसे हम यूपीएसएसएससी नहीं बल्कि यूपीएससी स्तर की परीक्षा दे रहे हैं। जिन छात्रों ने ऊपर-ऊपर से तैयारी की थी, उनके लिए प्रश्नों को समझना भी मुश्किल हो रहा था। - रघुनंदन सिंह, परीक्षार्थी, फैजाबाद।
डेटा इंटरप्रिटेशन और कंप्यूटर के सवाल बेहद पेचीदा और लंबे थे। प्रश्नों को हल करने में बहुत ज्यादा समय लग रहा था। भारी कैलकुलेशन की वजह से परीक्षा हॉल में समय कम पड़ गया और मेरे साथ-साथ कई अन्य छात्रों के भी आते हुए सवाल छूट गए। टाइम मैनेजमेंट करना आज बहुत बड़ी चुनौती थी। परीक्षा के सभी प्रश्नों का स्तर सामान्य से कठिन थे। उतर प्रदेश स्पेशल सामान्य अध्ययन के प्रश्नों को भी घुमा फिरा कर पूछा गया था। - धर्मेंद्र, परीक्षार्थी, बस्ती।
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परीक्षार्थियों ने बताया, इस बार सीधे तथ्यात्मक प्रश्न गायब थे, जिनकी जगह गहरे और विश्लेषणात्मक प्रश्नों ने ले ली थी। निगेटिव मार्किंग होने के कारण छात्रों को बहुत संभलकर निर्णय लेना पड़ा।
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डीएम और एसएसपी ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रैदोपुर, डीएवी कॉलेज समेत अन्य परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों में अभ्यर्थियों के प्रवेश और बैठने की व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा प्रबंध, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, स्ट्रांग रूम तथा परीक्षार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जांच की। जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों, सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को आयोग व शासन के सभी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता और शुचिता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
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परीक्षा केंद्रों पर अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक के साथ प्रश्नपत्र और परीक्षा सामग्री की सुरक्षा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को केंद्रों के आसपास कड़ी निगरानी रखने और परीक्षा में किसी भी प्रकार का व्यवधान न होने देने के निर्देश दिए। जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार ने बताया कि परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक एक पाली में हुई। जिले में कुल 6,888 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें 5,732 उपस्थित और 1,156 अनुपस्थित रहे।
सामान्य अध्ययन का स्तर बहुत ऊंचा था। सीधे फैक्ट पूछने के बजाय सवालों को घुमा कर पूछे गए थे। ऐसा लग रहा था जैसे हम यूपीएसएसएससी नहीं बल्कि यूपीएससी स्तर की परीक्षा दे रहे हैं। जिन छात्रों ने ऊपर-ऊपर से तैयारी की थी, उनके लिए प्रश्नों को समझना भी मुश्किल हो रहा था। - रघुनंदन सिंह, परीक्षार्थी, फैजाबाद।
डेटा इंटरप्रिटेशन और कंप्यूटर के सवाल बेहद पेचीदा और लंबे थे। प्रश्नों को हल करने में बहुत ज्यादा समय लग रहा था। भारी कैलकुलेशन की वजह से परीक्षा हॉल में समय कम पड़ गया और मेरे साथ-साथ कई अन्य छात्रों के भी आते हुए सवाल छूट गए। टाइम मैनेजमेंट करना आज बहुत बड़ी चुनौती थी। परीक्षा के सभी प्रश्नों का स्तर सामान्य से कठिन थे। उतर प्रदेश स्पेशल सामान्य अध्ययन के प्रश्नों को भी घुमा फिरा कर पूछा गया था। - धर्मेंद्र, परीक्षार्थी, बस्ती।