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थाने के बजाए प्राइवेट स्थानों पर बुला कर रहे समझौता

Thu, 24 Sep 2020 11:21 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2020 11:21 PM IST
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Compromises calling at private places instead of police stations
आजमगढ़। पुलिस पर धन उगाही करने का आरोप अक्सर ही लगता रहता है। सच्चाई भी यही है महकमे में नीचे से लेकर ऊपर तक भ्रष्टाचार भरा पड़ा है। पैसे को लेकर महकमे के लोग कुछ भी कर सकते हैं। ऐसे ही एक प्रकरण में एसपी ने तरवां थाने पर तैनात एक सिपाही को निलंबित किया है लेकिन अभी भी महकमें में धन उगाही का खेल जारी है। रानी की सराय थाने पर तैनात एक सिपाही तो अब थाने के बजाए प्राइवेट स्थानों पर वादी-प्रतिवादी को समझौते के लिए बुला रहा है। ऐसा निश्चित तौर पर धन उगाही के लिए किया जा रहा है।
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सिधारी थाना क्षेत्र के नीबी गांव निवासी एक युवक को कुछ दिनों पूर्व कुछ लोगों ने मारपीट कर घायल कर दिया था। पीड़ित पक्ष ने सिधारी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी जांच भी सीओ सिटी द्वारा की जा रही है। वहीं प्रतिवादी पक्ष रानी की सराय थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसने अपने बचाव के लिए रानी की सराय थाने पर प्रार्थना पत्र दिया। इस पर थाने पर तैनात एक सिपाही इस प्रकरण में समझौते की कवायद में जुट गया। नीबी गांव निवासी पीड़ित को थाने पर बुलाने के बजाए बेलईसा चौराहा स्थित एक दुकान पर उसे बुलाया जाने लगा। प्रकरण संज्ञान में आने पर जब सिपाही से बात की गई तो उसने कहा कि एसओ के कहने पर वह इस प्रकरण में समझौता कराने का प्रयास कर रहा है। वहीं एसओ से पूछने पर उन्होंने ऐसे किसी प्रकरण की जानकारी होने से ही इंकार कर दिया। अब यह सारा खेल आसानी से समझ में आने लगा। धन उगाही के चक्कर में थाने का सिपाही वादी-प्रतिवादी को थाने के बाजाए प्राइवेट स्थान पर बुला कर समझौता करा रहे हैं। पुलिस महकमे में जड़ कर गए धन उगाही के इस भ्रष्टाचार का खात्मा हो पाना अब मुश्किल नजर आ रहा है। तरवां थाना के रासेपुर चौकी पर तैनात एक सिपाही द्वारा पैसा मांगने का आडियो वायरल हुआ था, जिस पर एसपी ने अभी बुधवार को ही उसे निलंबित किया है। अब देखना है कि आगे ऐसा न होने इसके लिए बड़े कप्तान क्या करते है। वैसे रानी की सराय थाने पर तैनात सिपाही द्वारा वादी-प्रतिवादी को थाने के बजाए अपने चिन्हित स्थान पर समझौते के लिए बुलाने के बात की भी रिकार्डिंग मौजूद है।
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