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सड़क मरम्मत में गड़बड़ी के शिकायत की जांच पूरी
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आजमगढ़। सारथी सेवा संस्थान के संयोजक विनीत सिंह रीशू ने मंडलायुक्त को शिकायत पत्र देकर 2020-21 में सड़कों के नवीनीकरण में पीडब्ल्यूडी पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगाया था। मंडलायुक्त के निर्देश पर सीडीओ द्वारा कराई जा रही जांच पूरी हो गई है। अब सीडीओ द्वारा इसकी रिपोर्ट तैयार कर मंडलायुक्त को भेजी जाएगी।
विनीत सिंह रीशू ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2020-21 में शासन द्वारा क्षतिग्रस्त मार्गों के सी-श्रेणी के मार्गों का प्रस्ताव जनवरी में मांगा गया था। जिसके क्रम में आजमगढ़ से उन मार्गों के स्टीमेट बनाए गए जो सही दशा में अर्थात ए और बी श्रेणी में थे। उन मार्गों को विभाग द्वारा गड्ढामुक्त घोषित कर प्रमाण पत्र भी शासन को भेजा गया था। ऐसी सड़कों का स्टीमेट बना करके कूट रचित तरीके से नियम के विरुद्ध शासन को अंधेरे में रखते हुए स्वीकृत भी प्राप्त कर ली गई। इसमें बीडीबी मार्ग एक से 20 किमी तक, छितौनी-एदिलपुर मार्ग, बीडीबी मार्ग 21 से 40 किमी तक, गाजीपुर-आजमगढ़ मार्ग, जीयनपुर-मुहम्मदाबाद मार्ग, लखनऊ-बलिया मार्ग, जिवली-देवगांव, छतवारा-देवइत और बनकट-जैगहा-कंधरापुर मार्ग शामिल हैं। जबकि उक्त मार्गों की दशा अच्छी थी। लेकिन अधिकारियों द्वारा लूटपाट की मंशा से लगभग 50 करोड़ रुपये का अपव्यय करने का प्रयास किया गया है। मंडलायुक्त के निर्देश सीडीओ ने उक्त मामले की जांच कराई जो अब पूरी हो चुकी है।
मंडलायुक्त के निर्देश पर शिकायत की जांच के लिए अधिकारियों की टीम लगाई गई थी। सभी अधिकारियों की जांच रिपोर्ट मेरे पास आ चुकी है। जल्द ही उसका अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपेंगे।
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- आनंद कुमार शुक्ला, सीडीओ।
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विनीत सिंह रीशू ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2020-21 में शासन द्वारा क्षतिग्रस्त मार्गों के सी-श्रेणी के मार्गों का प्रस्ताव जनवरी में मांगा गया था। जिसके क्रम में आजमगढ़ से उन मार्गों के स्टीमेट बनाए गए जो सही दशा में अर्थात ए और बी श्रेणी में थे। उन मार्गों को विभाग द्वारा गड्ढामुक्त घोषित कर प्रमाण पत्र भी शासन को भेजा गया था। ऐसी सड़कों का स्टीमेट बना करके कूट रचित तरीके से नियम के विरुद्ध शासन को अंधेरे में रखते हुए स्वीकृत भी प्राप्त कर ली गई। इसमें बीडीबी मार्ग एक से 20 किमी तक, छितौनी-एदिलपुर मार्ग, बीडीबी मार्ग 21 से 40 किमी तक, गाजीपुर-आजमगढ़ मार्ग, जीयनपुर-मुहम्मदाबाद मार्ग, लखनऊ-बलिया मार्ग, जिवली-देवगांव, छतवारा-देवइत और बनकट-जैगहा-कंधरापुर मार्ग शामिल हैं। जबकि उक्त मार्गों की दशा अच्छी थी। लेकिन अधिकारियों द्वारा लूटपाट की मंशा से लगभग 50 करोड़ रुपये का अपव्यय करने का प्रयास किया गया है। मंडलायुक्त के निर्देश सीडीओ ने उक्त मामले की जांच कराई जो अब पूरी हो चुकी है।
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मंडलायुक्त के निर्देश पर शिकायत की जांच के लिए अधिकारियों की टीम लगाई गई थी। सभी अधिकारियों की जांच रिपोर्ट मेरे पास आ चुकी है। जल्द ही उसका अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपेंगे।
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- आनंद कुमार शुक्ला, सीडीओ।