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सुबह को रंग और शाम को जमकर उड़े अबीर और गुलाल
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आजमगढ़। होली के अवसर पर सोमवार की सुबह से ही जहां लोगों ने दोपहर तक जमकर रंग खेला। वहीं शाम के समय नहा धोकर लोगों ने परिवार के साथ ईष्ट मित्रों के घर पहुंचकर उन्हें अबीर गुलाल लगाया और होली की बधाई दी। साथ ही गुझिया, नमकीन, चिप्स, पापड़ आदि का आनंद उठाया। देर रात तक यह क्रम चलता रहा।
होली का पर्व सोमवार को पूरे जनपद में धूमधाम से मनाया गया। हालांकि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बहुत से लोगों ने घरों में ही होली खेली। लेकिन जो लोग सड़कों पर उतरे उन्होंने जमकर हुड़दंग मचाया। इस दौरान कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पुलिस भी चौकन्नी नजर आई। प्रशासन इस बात पर नजर गड़ाए हुए था कि कहीं ज्यादा भीड़ न जुटने पाए। इन सबके बीच दोपहर तक हर गली और हर गांव में रंगों की बरसात होती रही। लोग होली के रंग में डूबे रहे। दोपहर में लोगों नहा धोकर साफ कपड़े पहनकर निकल पड़े अपनों को होली की बधाई देने।
दोपहर तक रंग तो दोपहर बाद अबीर गुलाल उड़ते रहे। लोग नीली, पीली, गुलाबी, लाल रंग के अबीर और गुलाल से सरोबार होते रहे। अपनों के घर पहुंचकर लोगों ने पापड़, चिप्स, गुझिया, गुलाब जामुन आदि का लुत्फ उठाया। दोपहर बाद शुरू हुआ यह कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। लोगों के घर थोड़ा-थोड़ा नाश्ता करने के कारण शाम को भोजन करने की भी इच्छा नहीं हुए। जिसके कारण बहुत से लोग बिना भोजन किए ही सो गए। होली की मस्ती में लोग इस कदर डूबे रहे कि दूसरे दिन मंगलवार को भी होली का खुमार देखने को मिला। सड़कों पर लोगों की आवाजाही बहुत कम रही। लेकिन होने के साथ ही सड़कों पर भीड़ बढ़ती गई।
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होली का पर्व सोमवार को पूरे जनपद में धूमधाम से मनाया गया। हालांकि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बहुत से लोगों ने घरों में ही होली खेली। लेकिन जो लोग सड़कों पर उतरे उन्होंने जमकर हुड़दंग मचाया। इस दौरान कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पुलिस भी चौकन्नी नजर आई। प्रशासन इस बात पर नजर गड़ाए हुए था कि कहीं ज्यादा भीड़ न जुटने पाए। इन सबके बीच दोपहर तक हर गली और हर गांव में रंगों की बरसात होती रही। लोग होली के रंग में डूबे रहे। दोपहर में लोगों नहा धोकर साफ कपड़े पहनकर निकल पड़े अपनों को होली की बधाई देने।
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दोपहर तक रंग तो दोपहर बाद अबीर गुलाल उड़ते रहे। लोग नीली, पीली, गुलाबी, लाल रंग के अबीर और गुलाल से सरोबार होते रहे। अपनों के घर पहुंचकर लोगों ने पापड़, चिप्स, गुझिया, गुलाब जामुन आदि का लुत्फ उठाया। दोपहर बाद शुरू हुआ यह कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। लोगों के घर थोड़ा-थोड़ा नाश्ता करने के कारण शाम को भोजन करने की भी इच्छा नहीं हुए। जिसके कारण बहुत से लोग बिना भोजन किए ही सो गए। होली की मस्ती में लोग इस कदर डूबे रहे कि दूसरे दिन मंगलवार को भी होली का खुमार देखने को मिला। सड़कों पर लोगों की आवाजाही बहुत कम रही। लेकिन होने के साथ ही सड़कों पर भीड़ बढ़ती गई।
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