मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट यशवंत सरोज की अदालत ने शुक्रवार को प्रदेश की पूर्व मंत्री कुसुम राय समेत 11 लोगों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश बिलरियागंज पुलिस को दिया है। उन पर असलहे से लैस होकर अस्पताल के भवन की चहारदीवारी को गिराने और नौ हजार रुपये और लैपटाप लूटने का आरोप है। मानपुर गांव निवासी विज्ञानरत्न राय ने अदालत में मुकदमा दर्ज कराने के लिए पांच नवंबर 2019 को आवेदन किया था। उनका आरोप है कि उनके चाचा चाचा विजय कुमार राय सामाजिक कार्यकर्ता हैं और राष्ट्रीय ग्रामोद्योग सेवा संस्थान नामक संस्था के मंत्री हैं। चचेरे भाई श्रवण कुमार राय से उनका पारिवारिक विवाद है। इस मामले में 22 अक्तूबर की रात लगभग 12 बजे बिंदवल गांव निवासी एहरार अहमद उर्फ अल्लन, तारिक अनवर उर्फ अन्नू, जियाउद्दीन, रौनापार थाना के जोकहरा गांव निवासी पूर्व मंत्री कुसुम राय, अनिल राय, गौरव राय, किरन बाला, मानपुर निवासी श्रवण कुमार राय और उनकी पत्नी मंजू राय, रुद्र प्रकाश राय, रमेश राय ने दीनबंधु अस्पताल की चारदीवारी जेसीबी लगाकर गिरानी शुरू कर दी। अस्पताल से विजय कुमार राय का लैपटाप, संस्था के 30 वर्षो का अभिलेख और लगभग नौ हजार रुपये नकद लूट लूट ले गए। उन्होंने तीन लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति का नुकसान किया। थाना और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। तब पीड़ित ने अपने अधिवक्ता सच्चिदानंद राय के माध्यम से कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। अदालत ने अधिवक्ता के तर्कों को स्वीकार करते हुए थानाध्यक्ष बिलरियागंज को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।