आजमगढ़। समाजवादी पार्टी की ओर से प्रदेश में बढ़ते अपराध, निर्दोष लोगों की हत्या, लूट, अपराध में पुलिस की संलिप्तता के विरोध में कैंडल मार्च निकाला गया। वक्ताओं ने कहा कि अपराधी बेखौफ अपराध कर रहे हैं। कहीं न कहीं भाजपा नेताओं का संरक्षण मिल रहा है। जनपद में अपराध की बाढ़ आ गयी है। सरकार की तरफ से रिपोर्ट लिखने के लिए मना कर दिया गया है।
निवर्तमान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि पुलिस की धन उगाही से जनता त्रस्त हो चुकी है। लोगों में भय का वातावरण व्याप्त हो गया है। कोई सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। कप्तानगंज में रमेश यादव की लूट व हत्या में पुलिस की साजिश की बू आ रही है। कमलेश तिवारी की मां की ओर से बार-बार यह कहा जाना कि उनके बेटे की हत्या सरकार के इशारे पर कराई गई लेकिन उसे भी तोड़ मरोड़कर पेश किया जा रहा है। झांसी में योगी सरकार के मनबढ़ इंस्पेक्टर ने निर्दोष पुष्पेंद्र यादव का फेक एनकाउंटर किया गया। बदायूं में ब्रजपाल मौर्य, प्रयागराज में सुशील पटेल व अन्य जनपदों में पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यकों की जाति की हत्या से साबित हो रहा है कि योगी सरकार अपराध रोकने में असफल है। कैंडल मार्च में विधायक नफीस अहमद, डा.रामदुलार राजभर, डा.हरिराम सिंह यादव, हरिश्चन्द्र यादव, हंसराज यादव, शोभनाथ यादव, अशोक यादव, जोरार खान, मेराज अहमद, कमलेश, प्रेमा यादव, बबिता चैहान, सना परवीन, किरन श्रीवास्तव, गुड्डी देवी, रामानुज सिंह, महेन्द्र यादव, तेजबहादुर यादव, राजेश यादव, शिवसागर यादव थे।