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UP: इन दो सीटों पर BJP की करारी हार, चार विधानसभाओं के 13 बूथों पर मिले 10 से भी कम वोट; दिग्गज न दिला पाए जीत

Sat, 08 Jun 2024 03:06 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़ Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sat, 08 Jun 2024 03:06 AM IST
सार

मेरा बूथ सबसे मजबूत का नारा देनी भाजपा अपने ही दिग्गज नेताओं के बूथ पर कमजोर नजर आई। मंत्री और बड़े दिग्गज नेता आजमगढ़ और लालगंज की विधानसभाओं में भाजपा को जीत न दिला पाए।

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UP Chunav Result 2024 BJP got less than 10 votes in 13 booths in four assembly
पीएम मोदी और सीएम योगी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

लालगंज लोकसभा सीट पर चार बार कब्जा जमाने वाली बसपा का सबसे खराब प्रदर्शन इस लोकसभा चुनाव में देखने को मिला। वहीं सत्तारूद्ध भाजपा की हालत भी खराब रही। लालगंज की चार विधानसभाओं में 13 बूथों पर भाजपा को मिले 10 से कम वोट मिले। वहीं बसपा को 271 बूथों पर 10 से कम वोट मिले।
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लालगंज लोकसभा की चार विधानसभाओं के उपलब्ध मतगणना के आंकड़ों पर गौर करें तो निजामाबाद विधानसभा में सात बूथ ऐसे रहे जिन पर भारतीय जनता पार्टी का मत दहाई के आंकड़े को भी नहीं छू सकी। वहीं बहुजन समाज पार्टी की बात करें तो वह 65 बूथों पर दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सकी। इतना ही नहीं छह बूथों पर उसकी बोहनी तक नहीं हुई।
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निजामाबाद के 126 बूथ ऐसे रहे जहां भाजपा को 100 से भी कम मत प्राप्त हुए। वहीं निजामाबाद विधानसभा के 96 बूथों पर बसपा को 100 से कम वोट मिले। दीदारगंज विधानसभा में जहां भाजपा को चार बूथों पर 10 से भी कम मत मिले वहीं बसपा 95 बूथों पर दहाई के आंकड़े को छू नहीं सकी। जबकि तीन बूथ ऐसे भी रहे जहां बसपा के मतों का खाता तक नहीं खुला।
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भाजपा को 120 बूथों पर 100 मतों से कम मिले तो बसपा को 95 बूथों पर 100 से भी कम वोट मिले। इसमें सबसे बड़ी बात तो यह रही कि भाजपा को सबसे कम चार वोट एक बूथ पर तो बसपा को कई बूथों पर एक से लेकर दो वोट मिले। लालगंज और अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र में दोनों पार्टियों की हालत में कुछ सुधार देखने को मिला।

लालगंज में भाजपा जहां दो बूथों पर ही दो बूथों पर 10 से कम वोट मिले तो अतरौलिया में कोई भी बूथ ऐसा नहीं था जहां उसे 10 से कम वोट मिला हो। वहीं बसपा की बात करें तो लालगंज में उसे 65 बूथों पर 10 से कम तो तीन बूथों पर खाता तक नहीं खुला।

वहीं अतरौलिया में हर बूथ पर बसपा का खाता खुला लेकिन 46 बूथों पर उसे 10 से कम मत मिले। भाजपा को लालगंज में 62 तो अतरौलिया में 49 बूथों पर 100 से कम मत प्राप्त हुए। जबकि बसपा को लालगंज में 130 बूथों और अतरौलिया में 150 बूथों पर 100 से कम मत प्राप्त हुए।

 

मंत्री भी अपने बूथ पर पार्टी को नहीं दिला सके बढ़त
उधर, भाजपा के कैबिनेट मंत्री और क्षेत्रीय अध्यक्ष भी अपने गांव के बूथों पर भाजपा को जीत नहीं दिला सके। जबकि दोनों जिलाध्यक्ष भी अपने गांव के बूथों पर भी पार्टी को बढ़त दिलाने में नाकाम रहे। लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अब भाजपा हार पर मंथन करने में जुटी हुई है। सोशल मीडिया पर पार्टी के समर्थक और कार्यकर्ता पार्टी के नेताओं और नीतियों पर हार का ठीकरा फोड़ने में जुटे हुए हैं। वहीं अगर बूथवार मतगणना में जारी आंकड़ों पर गौर करें तो पार्टी के दिग्गज नेता भी अपने गांव के बूथ पर पार्टी को जीत दिलाने में नाकाम नजर आए। 

 

हाल में सपा छोड़ भाजपा में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री दारा सिंह नगर से सटे गेलवारा गांव के निवासी हैं। उनके गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय गेलवारा में मतदान के लिए दो बूथ बनाए गए थे। कैबिनेट मंत्री ने इनमें से बूथ संख्या 242 पर मतदान किया था। मतगणना में इस पर भाजपा को 283 मत और सपा को 655 मत और बसपा को मात्र नौ मत मिले। वहीं दूसरे बूथ 243 पर भाजपा को 212, सपा को 244 और बसपा को 298 मत मिले। इस प्रकार दोनों ही बूथों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। जबकि इसी गांव के रहने वाले पूर्व विधायक रामदर्शन यादव भी भाजपा में ही हैं।

 

वहीं निजामाबाद विधानसभा के पूरबपट्टी गांव गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय का पैतृक गांव है। जहां वह बूथ नंबर तीन पर मतदाता हैं। यहां उनके बूथ पर भाजपा प्रत्याशी नीलम सोनकर के पक्ष में 153, समाजवादी पार्टी को 229 और बसपा को प्रत्याशी को 156 मत प्राप्त हुए। यहां भाजपा तीसरा नंबर पर रही। वहीं के दूसरे चार नंबर बूथ पर भाजपा को 167 वोट, सपा को 241, बसपा को 162 मिले यहां पर भी भाजपा दूसरे नंबर पर रही। 

 

आजमगढ़ जिलाध्यक्ष भी नहीं जिता सके बूथ
भाजपा के आजमगढ़ जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण पाल गढ़वल गांव के निवासी हैं। उनके गांव में मतदान के लिए दो बूथ बनाए गए थे। जिसमें बूथ संख्या 370 पर उनकी पार्टी को 235 मत मिले, सपा को 275 मत और बसपा को 32 मत मिले। वहीं बूथ संख्या 371 पर भाजपा को 104, सपा को 36 और बसपा को 349 मत प्राप्त हुए।

 

लालगंज जिलाध्यक्ष को एक बूथ पर मिली जीत तो दूसरी पर हार
भाजपा जिलाध्यक्ष लालगंज सूरज प्रकाश श्रीवास्तव तहबरपुर विकास खंड के बीबीपुर गांव के निवासी हैं। उनके गांव में मतदान के लिए दो बूथ बनाए गए थे। यहां एक बूथ पर बसपा को 393 मत सपा को 64 मत और भाजपा को 43 मत प्राप्त हुए। वहीं दूसरे बूथ पर बसपा को आठ वोट, सपा को 114 वोट और भाजपा को 320 वोट मिले।
 
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