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खत्म होती जा रही खेती
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 28 Jan 2016 01:11 AM IST
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अखिल भारतीय किसान सभा का जिला सम्मेलन बुधवार को नेहरू हाल में संपन्न हुआ। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए जनआंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। कहा गया कि जनविरोधी नीतियों के चलते ही खेती खत्क हो रही है।
राष्ट्रीय महासचिव अतुल कुमार अंजान ने कहा कि केंद्र के भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण किसानों की खेती सम्मान का पेशा नहीं रह गई है। जिसके कारण लाखों किसान आत्महत्याएं करने को मजबूर हैं।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेलों के दाम कम हुए हैं लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें विकास के नाम पर किसानों की जमीनें औने पौने दाम पर सड़कों के निर्माण के लिए अधिकृत कर रही है।
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जिससे आने वाले समय में किसान भूमिहीन हो जाएंगे। पिदले दिनों बबार्द हुई फसलों का मुुआवजा आज तक नहीं मिला। जबकि फसल बीमा की बातें हमेशा उक्त सरकारें करती चली आ रही हैं। कहा कि किसानों को संगठित करके जन आंदोलन चलाने की जरूरत हे।
उप्र किसान सभा के महासचिव राजेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार किसी पूंजीपति और राजनेता के निधन पर कैंडिल जलाकर शोक प्रकट करती हैं
लेकिन पूरी दुनिया को कमाकर खिलाने वाले लाखों किसान आत्म हत्याएं कर रहे हैं लेकिन सरकारें मौन हैं। सम्मेलन में का. इंतेयाज बेग, रामअजोर यादव, रामनरायण सिंह,
पूर्व विधायक रामजग, हामिद अली, रामज्ञा यादव, श्रीकांत सिंह, दुर्बली राम, त्रिलोकी नाथ, महेंद्र यादव आदि उपस्थित हुए।
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राष्ट्रीय महासचिव अतुल कुमार अंजान ने कहा कि केंद्र के भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण किसानों की खेती सम्मान का पेशा नहीं रह गई है। जिसके कारण लाखों किसान आत्महत्याएं करने को मजबूर हैं।
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अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेलों के दाम कम हुए हैं लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें विकास के नाम पर किसानों की जमीनें औने पौने दाम पर सड़कों के निर्माण के लिए अधिकृत कर रही है।
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जिससे आने वाले समय में किसान भूमिहीन हो जाएंगे। पिदले दिनों बबार्द हुई फसलों का मुुआवजा आज तक नहीं मिला। जबकि फसल बीमा की बातें हमेशा उक्त सरकारें करती चली आ रही हैं। कहा कि किसानों को संगठित करके जन आंदोलन चलाने की जरूरत हे।
उप्र किसान सभा के महासचिव राजेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार किसी पूंजीपति और राजनेता के निधन पर कैंडिल जलाकर शोक प्रकट करती हैं
लेकिन पूरी दुनिया को कमाकर खिलाने वाले लाखों किसान आत्म हत्याएं कर रहे हैं लेकिन सरकारें मौन हैं। सम्मेलन में का. इंतेयाज बेग, रामअजोर यादव, रामनरायण सिंह,
पूर्व विधायक रामजग, हामिद अली, रामज्ञा यादव, श्रीकांत सिंह, दुर्बली राम, त्रिलोकी नाथ, महेंद्र यादव आदि उपस्थित हुए।