Azamgarh: बाटला हाउस मुठभेड़ का दोषी आजमगढ़ में सुपर्दे खाक, तिहाड़ में काट रहा था उम्रकैद की सजा
इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी शहजाद अहमद को सोमवार को आजमगढ़ के खालिसपुर गांव स्थित पैतृक गांव में सुपर्दे खाक किया गया। बाटला हाउस मुठभेड़ मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आतंकी शहजाद की शनिवार को मौत हो गई थी।
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बाटला हाउस मुठभेड़ में इंस्पेक्टर मोहन चंद को गोली मारने के दोषी और उम्र कैद की सजा काट रहे शहजाद अहमद को सोमवार को आजमगढ़ के खालिसपुर गांव स्थित पैतृक गांव में सुपर्दे खाक किया गया। इंडियन मुजाहिदीन (आईएम ) के आतंकी शहजाद अहमद की मौत दो दिन पहले दिल्ली एम्स में हुई थी। बिलरियागंज के खालिसपुर गांव स्थित कब्रिस्तान में शव दफनाने के दौरान पुलिस व पीएसी की मौजूदगी रही। शहजाद आतंकी संगठन आईएम का सक्रिय सदस्य था और कई बम धमकों में उसका नाम सामने आया था।
शहजाद आजमगढ़ जिले के नसीरपुर खालिसपुर गांव का रहने वाला था। वो आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का हिस्सा था। अदालत ने उसे साल 2008 में हुई बाटला हाउस मुठभेड़ मामले में इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या व अन्य अधिकारियों पर हमला करने का दोषी ठहराया था। शहजाद को साल 2013 में आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
दिसंबर से था अस्पताल में भर्ती
शहजाद अहमद 6 फरवरी 2010 में तिहाड़ जेल आया था। पिछले साल 7 जुलाई को मंडोली के जेल नंबर- 15 में भेज दिया गया था। शहजाद को पित्त की थैली में पथरी होने पर उसे पिछले साल 8 दिसंबर को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से उसे सफदरजंग अस्पताल भेज गया था। बाद में उसे गंभीर बीमारी हो गई थी। सफदरजंग से उसे एम्स में रेफर कर दिया गया था। बीते शनिवार सुबह 7.42 बजे उसने दम तोड़ दिया।
2008 में हुआ था बाटला हाउस मुठभेड़
स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि इंडियन मुजाहिदीन के कुछ आतंकी बाटला हाउस इलाके के एक मकान में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर 19 सितंबर, 2008 की सुबह इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा समेत कई पुलिस अधिकारी उस वक्त मौके पर पहुंचे और आतंकियों को घेरने का प्लान बनाया। इसी दौरान आतंकियों के साथ बाटला हाउस के मकान नंबर एल-18 में मुठभेड़ हो गई।
मुठभेड़ में शहजाद के दो साथी आतिफ आमीन और मोहम्मद साजिद मारे गए थे। इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे। वहीं, एक आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया गया था। इस एनकाउंटर में शामिल आरिज नाम का एक अन्य आतंकवादी भागने में कामयाब हो गया था, लेकिन बाद में उसे नेपाल से गिरफ्तार कर लिया गया था। बाटला हाउस केस में आतंकी आरिज खान को पहले ही फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है।