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बिना कारण देर करने वाले ठेकेदारों को करें प्रतिबंधित

Wed, 24 Aug 2022 12:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2022 12:30 AM IST
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Ban the contractors who are late without reason
आजमगढ़। मंडलायुक्त मनीष चौहान ने मंगलवार को कमिश्नरी सभागार में 50 लाख और उससे अधिक की परियोजनाओं की मंडलीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने परियोजनाओं में अनावश्यक रूप से विलंब करने वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड करते हुए उनके टेंडर को निरस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंडल के जनपदों में स्वीकृत परियोजनाओं के लिए यदि भूमि उपलब्ध नहीं है तो तत्काल संबंधित डीएम को अवगत बताए ताकि उनके स्तर से भूमि उपलब्धता के संबंध में अग्रेतर कार्रवाई कराई जा सके। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के लिए भलीभांति अवलोकन करने के बाद ही रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाय, ताकि बाद में किसी प्रकार विसंगति उत्पन्न होने की संभावनाओं से बचा जा सके।
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समीक्षा के दौरान बताया कि मंडल में सड़कों को छोड़कर 50 लाख तथा उससे अधिक लागत की कुल 340 परियोजनाएं हैं, जिसमें आजमगढ़ की 134, मऊ की 61 एवं बलिया की 145 परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं में आजमगढ़ में 14, मऊ में 8 एवं बलिया में 23 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि तीनों जनपदों में 3-3 परियोजनाएं अभी शुरुआत हैं। अपूर्ण कई परियोजनाएं इस माह में पूर्ण हो जाएंगी। सड़क निर्माण के लिए मंडल में 50 लाख एवं उससे अधिक लागत की कुल 67 परियोजनाएं हैं, जिसमें आजमगढ़ में 19, मऊ में 22 एवं बलिया 26 सड़कें हैं। इन सड़कों में आजमगढ़ एवं मऊ में 3-3 सड़कों का कार्य पूर्ण हो चुका है, तीनों जनपद में शेष सभी कार्य शुरू हो चुके हैं। सड़क निर्माण के लिए अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष मंडल की वित्तीय प्रगति 99 प्रतिशत है।
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समीक्षा के मंडलायुक्त ने पाया पाया कि कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के स्तर कई परियोजनाओं पर कार्य शुरू नहीं हुए हैं। कार्यदायी संस्था द्वारा भूमि का अनुपलब्ध होना एवं कतिपय स्थानों पर भूमि विवाद होना बताया गया। कुछ परियोजनाएं अपूर्ण रहने के संबंध में ठेकेदार के स्तर पर लापरवाही को कारण बताया गया। मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि यदि किसी भी ठेकेदार के स्तर पर कार्यों में अनावश्यक विलंब, मानकों की अनदेखी, बार बार कार्य बंद किया जाना, कार्य असंतोषजनक पाया जाता है तो ठेकेदार के प्रति नरमी दिखाने की आवश्यकता नहीं, बल्कि उसका टेंडर निरस्त करने, ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई की जाय। बैठक में अपर निदेशक, पशुपालन द्वारा अवगत कराया गया कि उनके विभाग से संबंधित एक कार्य जो हैंडओवर हो चुका है उसमें कई कमियां हैं, जिसे कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल द्वारा दूर नहीं कराया जा रहा है। जबकि कार्यदायी संस्था द्वारा कार्य पूर्ण होना बताया गया। मंडलायुक्त ने अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि हैंडओवर के समय स्टीमेट के अनुसार पाई गयी कमियों तथा उन कमियों को दूर करने के लिए संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा कराए गए कार्यों आदि का परीक्षण कर स्पष्ट आख्या उपलब्ध कराएं।इस मौके पर तीनों जनपदों के अधिकारी उपस्थित थे।
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