महर्षि दत्तात्रेय आश्रम जाने वाले मार्ग पर तमसा और कुंवर नदी के संगम पर बांस और लकड़ी के सहारे बना पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थानीय लोगों ने एक बार फिर पक्का पुल बनवाने की मांग की है।
महर्षि दत्तात्रेय आश्रम जिला मुख्यालय से पंद्रह किलोमीटर दूर स्थित है। इस पौराणिक स्थल पर पूर्णिमा पर श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। आश्रम तक जाने के लिए लोगों को तमसा और कुंवर नदी के संगम को पार करना होता है। अगर तमसा नदी को पार न किया जाए तो चंदाभारी, प्यारेपुर, सोढ़री, सेमरी, मझारी आदि गांवों से होते हुए 25 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। कई बार मांग करने के बाद भी पुल का निर्माण न होने पर स्थानीय लोगों ने बांस और लकड़ी के सहारे पुल बनाया था। इस पुल से होकर लोग आश्रम जाते थे लेकिन अब यह पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है जिससे हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। कुछ वर्ष पहले क्षेत्र के एक समाजसेवी र्ने इंट एकत्रित कर नदी के एक छोर पर एक पावा का निर्माण भी कराया लेकिन यह काम अधूरा रह गया। मंदिर के महंत पुजारी रविदास महाराज ने बताया कि अगर पुल का निर्माण हो जाए तो इस क्षेत्र का काफी विकास होगा। क्षेत्र के डॉ. बृजेश यादव, लालू मिश्रा, पंडित सौरभ मिश्रा, आचार्य पंडित सभाजीत पांडेय, प्रधान शिवानंद यादव ने कहा कि पुल का निर्माण जरूरी है। इसमें जो भी समस्या आ रही है, उसे दूर कर शासन और प्रशासन स्तर से पुल का निर्माण कराना चाहिए। स्थानीय लोगों के सहयोग से बना बांस और लकड़ी का पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है।