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मुआवजे के खेल में बाबू पर गिरी गाज
azamgarh
Updated Tue, 07 Nov 2017 11:59 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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आजमगढ़। विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय में मुआवजे की रकम हड़पने के चल रहे खेल का मामला अमर उजाला की ओर से उजागर करने पर विभाग में तैनात बाबू पर जिलाधिकारी की गाज गिर ही गई। डीएम ने संबंधित बाबू को विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय से हटाकर शिकायत अनुभाग से संबद्ध कर दिया है। साथ ही इनकी ओर से कार्यालय में अब तक संपादित कार्यों की जांच सीआरओ को सौंपते हुए 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय में अभी कुछ दिनों पर पहले ही 30 साल लापता व्यक्ति के जगह पर फर्जी आदमी को खड़ा कर मुआवजे में 95 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया था। अमर उजाला की ओर से ये मामला प्रमुखता के साथ उठाया गया था। इसके बाद सचेत हुए विभाग ने दो ऐसे लोगों को चिह्नित किया था जो 20 साल से गायब थे और उनकी जमीन के लिए फर्जी मालिक खड़ा कर मुआवजे के लिए क्लेम किया गया था। कमिश्नर के यहां भी विभागीय में तैनात एक बाबू के इस खेल में शामिल होने की शिकायत की गई थी। ये भी बताया गया था एक मामले में योगेंद्र सिंह के खिलाफ पहले भी एफआईआर हो चुकी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय के अमीन योगेन्द्र सिंह को भूमि अध्याप्ति कार्यालय से हटाते हुए अग्रिम आदेशों तक शिकायत अनुभाग से कलेक्ट्रेट से संबद्ध कर दिया है। योगेन्द्र सिंह के अब तक संपादित किए गए कार्यों के साथ-साथ उनके खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक वर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच रिपोर्ट 15 दिन के अंदर प्रस्तुत करने को कहा गया है।
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विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय में अभी कुछ दिनों पर पहले ही 30 साल लापता व्यक्ति के जगह पर फर्जी आदमी को खड़ा कर मुआवजे में 95 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया था। अमर उजाला की ओर से ये मामला प्रमुखता के साथ उठाया गया था। इसके बाद सचेत हुए विभाग ने दो ऐसे लोगों को चिह्नित किया था जो 20 साल से गायब थे और उनकी जमीन के लिए फर्जी मालिक खड़ा कर मुआवजे के लिए क्लेम किया गया था। कमिश्नर के यहां भी विभागीय में तैनात एक बाबू के इस खेल में शामिल होने की शिकायत की गई थी। ये भी बताया गया था एक मामले में योगेंद्र सिंह के खिलाफ पहले भी एफआईआर हो चुकी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय के अमीन योगेन्द्र सिंह को भूमि अध्याप्ति कार्यालय से हटाते हुए अग्रिम आदेशों तक शिकायत अनुभाग से कलेक्ट्रेट से संबद्ध कर दिया है। योगेन्द्र सिंह के अब तक संपादित किए गए कार्यों के साथ-साथ उनके खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक वर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच रिपोर्ट 15 दिन के अंदर प्रस्तुत करने को कहा गया है।
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