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मंडल के तीनों जनपदों की महायोजना तैयार करेगी स्टीलिस्ट
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मंडल के तीनों जनपदों की महायोजना तैयार करेगी स्टीलिस्ट
जीआईएस बेस्ड महायोजना तैयार करेगी कंपनी
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। शासन ने अमृत योजना के तहत जीआईएस बेस महायोजना कंसल्टेंट के माध्यम से तैयार कराने की घोषणा की थी। इस क्रम में कोलकाता की कंपनी स्टीस्लिट को प्राधिकरण आजमगढ़ और विनियमित क्षेत्र मऊ एवं बलिया की महायोजना तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। जिसके लिए कंपनी से अनुबंध भी हो चुका है।
जनपद की नई महायोजना 2031 पर जल्द ही कार्य शुरू हो सकता है। क्योंकि शासन स्तर से जीआईएस बेस्ड महायोजना तैयार करने के लिए कलकत्ता की स्टीलिस्ट कंपनी को नामित किया गया है। इसी कंपनी को जनपद के साथ ही मऊ और बलिया जनपद की महायोजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जनपद की पुरानी महायोजना का कार्यकाल 2011 में ही पूरा हो चुका है। नई महायोजना लागू नहीं होने के कारण पुरानी महायोजना पर ही कार्य हो रहा है। इसका परिणाम है कि नगर क्षेत्र में जगह-जगह अवैध निर्माणों की बाढ़ सी आ गई। इस पर लगाम लगाने में एडीए भी नाकाम साबित हुआ। नई महायोजना को लागू कराने के लिए कई बार प्रयास हुए लेकिन उसमें सफलता नहीं मिल सकी। हाल ही में नई महायोजना का ड्राफ्ट भी प्रदर्शित कर लोगों से दावे और आपत्तियां मांगी गई। लेकिन इस पर कार्य आगे बढ़ता उससे पहले ही शासन ने अमृत योजना के तहत जीआईएस बेस्ड महायोजना तैयार करने के लिए कलकत्ता की एक कंपनी स्टीलिस्ट को जिम्मा सौंप दिया। कंपनी को टाउन प्लानर से मिलकर इस पर कार्य करने का निर्देश शासन ने दिया है। लेकिन इसी बीच टाउन प्लानर का स्थानांतरण हो गया। गोरखपुर के टाउन प्लानर को यहां का चार्ज सौंपा गया है लेकिन अभी तक उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। लेकिन अभी तक नामित कंपनी के जनपद आने की कोई सूचना एडीए के पास नहीं आई है। एडीए सचिव बाबू सिंह ने बताया कि शासन की ओर से कंपनी नामित कर अनुबंध का कार्य पूरा कर लिया गया है। लेकिन अभी कंपनी के लोग कब आएंगे इसकी सूचना हमारे पास नहीं है।
- अंबुज राय
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जीआईएस बेस्ड महायोजना तैयार करेगी कंपनी
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। शासन ने अमृत योजना के तहत जीआईएस बेस महायोजना कंसल्टेंट के माध्यम से तैयार कराने की घोषणा की थी। इस क्रम में कोलकाता की कंपनी स्टीस्लिट को प्राधिकरण आजमगढ़ और विनियमित क्षेत्र मऊ एवं बलिया की महायोजना तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। जिसके लिए कंपनी से अनुबंध भी हो चुका है।
जनपद की नई महायोजना 2031 पर जल्द ही कार्य शुरू हो सकता है। क्योंकि शासन स्तर से जीआईएस बेस्ड महायोजना तैयार करने के लिए कलकत्ता की स्टीलिस्ट कंपनी को नामित किया गया है। इसी कंपनी को जनपद के साथ ही मऊ और बलिया जनपद की महायोजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जनपद की पुरानी महायोजना का कार्यकाल 2011 में ही पूरा हो चुका है। नई महायोजना लागू नहीं होने के कारण पुरानी महायोजना पर ही कार्य हो रहा है। इसका परिणाम है कि नगर क्षेत्र में जगह-जगह अवैध निर्माणों की बाढ़ सी आ गई। इस पर लगाम लगाने में एडीए भी नाकाम साबित हुआ। नई महायोजना को लागू कराने के लिए कई बार प्रयास हुए लेकिन उसमें सफलता नहीं मिल सकी। हाल ही में नई महायोजना का ड्राफ्ट भी प्रदर्शित कर लोगों से दावे और आपत्तियां मांगी गई। लेकिन इस पर कार्य आगे बढ़ता उससे पहले ही शासन ने अमृत योजना के तहत जीआईएस बेस्ड महायोजना तैयार करने के लिए कलकत्ता की एक कंपनी स्टीलिस्ट को जिम्मा सौंप दिया। कंपनी को टाउन प्लानर से मिलकर इस पर कार्य करने का निर्देश शासन ने दिया है। लेकिन इसी बीच टाउन प्लानर का स्थानांतरण हो गया। गोरखपुर के टाउन प्लानर को यहां का चार्ज सौंपा गया है लेकिन अभी तक उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। लेकिन अभी तक नामित कंपनी के जनपद आने की कोई सूचना एडीए के पास नहीं आई है। एडीए सचिव बाबू सिंह ने बताया कि शासन की ओर से कंपनी नामित कर अनुबंध का कार्य पूरा कर लिया गया है। लेकिन अभी कंपनी के लोग कब आएंगे इसकी सूचना हमारे पास नहीं है।
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- अंबुज राय