आजमगढ़: पुलिस लाइन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने किया परेड का निरीक्षण, ली सलामी, दिए आवश्यक दिशा निर्देश
Azamgarh News: पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने पुलिस लाइन में परेड की सलामी ली। इस दौरान उन्होंने आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने प्रभारी यूपी-112 को तकनीकी और भौतिक कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
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आजमगढ़ में पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने परेड की सलामी ली और पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न शाखाओं, यूपी-112 वाहनों और डॉग स्क्वाड का भी जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों की वर्दी, अनुशासन और पहनावा व साज-सज्जा की जांच की। उन्होंने सभी को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हुए पूरी निष्ठा व अनुशासन से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए निर्देशित किया। परेड के बाद, उन्होंने पुलिस लाइन परिसर स्थित मेस और निर्माणाधीन आवासीय परिसर का निरीक्षण किया।
उन्होंने जीडी कार्यालय, गणना कार्यालय, आरटीसी कार्यालय और सब्सिडी कैंटीन की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। जनपद नियंत्रण कक्ष, मोटर वाहन शाखा, स्टोर, क्वार्टर गार्द, शस्त्रागार और गैस एजेंसी का भी जायजा लिया गया। एसपी डॉ. अनिल कुमार ने नफीस कार्यालय सहित अन्य शाखाओं का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक ने यूपी-112 के दोपहिया और चारपहिया वाहनों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभारी यूपी-112 को तकनीकी और भौतिक कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। तैनात कर्मियों को जनता के प्रति मधुर व्यवहार, त्वरित प्रतिक्रिया और कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखने को कहा गया। यूपी-112 वाहनों में दंगा नियंत्रण उपकरण, टैबलेट और अन्य आवश्यक सामग्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने वाहनों की नियमित साफ-सफाई और उचित रख-रखाव पर भी जोर दिया।
डॉग स्क्वायड के निरीक्षण में उन्होंने डॉग्स की कार्यक्षमता, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य की जानकारी ली। डॉग्स के खान-पान, स्वास्थ्य और रख-रखाव की व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए। डॉग्स को नियमित प्रशिक्षण और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अतिरिक्त, पुलिस अधीक्षक ने अर्दली रूम का आयोजन कर पुलिसकर्मियों की समस्याओं और प्रकरणों की सुनवाई की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।