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Azamgarh News: लापरवाही पर चार अधिकारियों का रोका वेतन, मांगा स्पष्टीकरण; मंडलायुक्त ने की समीक्षा
Thu, 24 Apr 2025 11:58 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 24 Apr 2025 11:58 PM IST
सार
आजमगढ़ में निर्विवाद उत्तराधिकार के वादों के निस्तारण में कमी पर नाराजगी जताते हुए अपर जिलाधिकारियों को डैशबोर्ड पर राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण पर ध्यान देने का निर्देश दिया।
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आयुक्त सभागार में समीक्षा बैठक करते कमिश्नर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मंडलायुक्त विवेक ने बुधवार को आयुक्त सभागार में मंडल में राजस्व वसूली, निर्माणाधीन परियोजनाओं और स्थानीय निकायों की प्रगति की समीक्षा की। देर शाम तक चली समीक्षा बैठकों में उन्होंने कार्यों में शासन की मंशा के अनुरूप प्रगति लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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साथ ही, कार्यों में लापरवाही और शिथिलता बरतने के कारण चार अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। एक अन्य अधिकारी को कम उपलब्धि के लिए स्पष्टीकरण मांगा गया।
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राजस्व वसूली की समीक्षा में मंडलायुक्त ने पाया कि बलिया में मंडी आय में मात्र 82.01 प्रतिशत उपलब्धि हासिल हुई, जिसके चलते जनपद की रैंकिंग 74वीं और ग्रेड ‘ई’ है। बार-बार निर्देशों के बावजूद प्रभारी सचिव, मंडी समिति बेल्थरोड और रसड़ा द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
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मंडलायुक्त ने दोनों का एक दिन का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया। इसी तरह, स्टाम्प व रजिस्ट्रेशन में बलिया की 77.16 प्रतिशत और 74वीं रैंक (डी ग्रेड) पर नाराजगी जताते हुए डीआईजी स्टाम्प को स्पष्टीकरण देने को कहा।
सीआरओ बलिया को गेहूं खरीद में तेजी लाने और बिहार-बलिया बॉर्डर के लिए गठित समिति के लिए पुलिस अधीक्षक से समन्वय करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डीएम की अनुमति के बिना कोई जनपदीय अधिकारी मुख्यालय न छोड़े।