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दिव्यांग वृद्ध मरीज को संविदाकर्मी ने मारा थप्पड़, हंगामा
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आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल में बुधवार को भी उस समय हंगामा मच गया जब सोनोग्राफी कराने पहुंचे एक वृद्ध दिव्यांग पर एक संविदाकर्मी ने हमला बोल दिया। इतना ही नहीं वृद्ध के पैर के बजाय पेट की सोनोग्राफी कर उसे रिपोर्ट भी दे दी गई। वृद्ध पर हमले पर जब अन्य मरीजों के तीमारदार हंगामा करने लगे तो सोनोग्राफी व एक्स-रे कक्षों को बंद कर सारे कर्मी मौके से फरार हो गये। साठ वर्षीय सुधाकर पाठक वृद्ध होने के साथ ही दिव्यांग भी है। बुधवार को वह अपने इलाज के लिए बेटे व बहू के साथ मंडलीय अस्पताल पर पहुंचा। यहां उसने डॉ. सुबास को ओपीडी में खुद को दिखाया। डॉक्टर ने उसकी पर्ची पर पैर की सोनोग्राफी लिख दिया। जिस पर वृद्ध दिव्यांग सोनोग्राफी कक्ष पर पहुंचा और नंबर लगा कर सोनोग्राफी करा लिया। सोनोग्राफी पैर के बजाए पेट की कर दिया गया। रिपोर्ट लेने के दौरान वृद्ध की संविदाकर्मी रोहित से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इस पर संविदा कर्मी ने वृद्ध पर हमला बोल दिया और ताबड़तोड़ दो-चार थप्पड़ रसीद कर दिये। वृद्ध की पिटाई पर जब अन्य मरीजों के तीमारदार आक्रोशित हुए और हंगामा शुरू किया तो सोनोंग्राफी व एक्स-रे कक्ष पर तैनात कर्मी ताला बंद कर फरार हो गये। इसके बाद पीड़ित वृद्ध रिपोर्ट लेकर डॉ. सुबास के पास पहुंचा तो उन्होंने पेट के सोनोग्राफी की रिपोर्ट देख उसे गलत बताया और पुन: कहीं और से कराने को कहा। इसके साथ ही एक हफ्ते की दवा लिख कर उसे वापस भेज दिया।
मरीज सुधाकर के पैर की नस कुछ सुख गई थी, जिसके चलते उसके पैर की सोनोग्राफी लिखा गया था। अस्पताल में पैर के सोनोग्राफी नहीं होती है और मरीज अस्पताल में ही सोनोग्राफी कराने पहुंच गया। सोनोग्राफी सेंटर पर पर्ची देखने के बाद उसे वापस कर दिया जाना चाहिए था लेकिन रेडियोलाजिस्ट ने पैर के बजाए पेट की सोनोग्राफी कर रिपोर्ट दे दिया।
डॉ. सुबास सिंह, प्लास्टिक सर्जन, मंडलीय अस्पताल।
मुझे पैर की सोनोग्राफी नहीं करने आती है, मैने मरीज से कहा तो वह पुन: डॉक्टर के पास पर्ची लेकर गया। पुन: पर्ची लाने पर पेट का सोनोग्राफी लिखा था और मैने पेट की सोनोग्राफी कर रिपोर्ट उसे दे दिया।
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डॉ. भालचंद्र, रेडियोलाजिस्ट, मंडलीय अस्पताल।
पैर के सोनोग्राफी की सुविधा अस्पताल पर नहीं उपलब्ध है। जहां तक संविदाकर्मी द्वारा मरीज के साथ मारपीट की बात है तो ऐसा कुछ नहीं हुआ है। फिर भी यदि मरीज की यह शिकायत है तो हमें शिकायती पत्र दें हम जांच करा कर कार्रवाई करेंगे।
डॉ. एसकेजी सिंह, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल।
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मरीज सुधाकर के पैर की नस कुछ सुख गई थी, जिसके चलते उसके पैर की सोनोग्राफी लिखा गया था। अस्पताल में पैर के सोनोग्राफी नहीं होती है और मरीज अस्पताल में ही सोनोग्राफी कराने पहुंच गया। सोनोग्राफी सेंटर पर पर्ची देखने के बाद उसे वापस कर दिया जाना चाहिए था लेकिन रेडियोलाजिस्ट ने पैर के बजाए पेट की सोनोग्राफी कर रिपोर्ट दे दिया।
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डॉ. सुबास सिंह, प्लास्टिक सर्जन, मंडलीय अस्पताल।
मुझे पैर की सोनोग्राफी नहीं करने आती है, मैने मरीज से कहा तो वह पुन: डॉक्टर के पास पर्ची लेकर गया। पुन: पर्ची लाने पर पेट का सोनोग्राफी लिखा था और मैने पेट की सोनोग्राफी कर रिपोर्ट उसे दे दिया।
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डॉ. भालचंद्र, रेडियोलाजिस्ट, मंडलीय अस्पताल।
पैर के सोनोग्राफी की सुविधा अस्पताल पर नहीं उपलब्ध है। जहां तक संविदाकर्मी द्वारा मरीज के साथ मारपीट की बात है तो ऐसा कुछ नहीं हुआ है। फिर भी यदि मरीज की यह शिकायत है तो हमें शिकायती पत्र दें हम जांच करा कर कार्रवाई करेंगे।
डॉ. एसकेजी सिंह, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल।