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Azamgarh News: साइबर फ्रॉड गैंग को मुहैया कराता था बैंक खाता, सहायक बैंक मैनेजर गिरफ्तार
Sun, 08 Jun 2025 08:28 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Sun, 08 Jun 2025 08:28 PM IST
सार
सरकारी योजना का लालच देकर बैंक का खाता खुलवाने वाला सहायक मैनेजर साइबर अपराधियों से सांठगांठ करता था। आरोप है कि फर्जी खाते खुलवाकर भी जालसाजी को अंजाम देता था। तीस से अधिक फर्जी खातों का खुलासा हुआ है। पुलिस अब मामले से जुड़े तार तलाशने में जुट गई है।
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अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
एसएसपी हेमराज मीना के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक यातायात व नोडल साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में साइबर थाना को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग, बेटिंग और जुए के नाम पर चल रहे आर्थिक अपराध में साइबर अपराधियों को बैंक खाता मुहैया कराने वाले एक्सिस बैंक के सहायक ब्रांच मैनेजर योगेश त्रिपाठी उर्फ अमित को गिरफ्तार किया है।
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एसपी यातायात विवेक त्रिपाठी ने बताया कि देवरिया जनपद के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के मल्लाह टोली, वार्ड नं. 02, रुद्रपुर निवासी योगेश त्रिपाठी एक्सिस बैंक ब्रांच राघव नगर जनपद देवरिया के सहायक ब्रांच मैनेजर सेल के पद पर कार्यरत था। वह प्रधानमंत्री योजना का लाभ दिलाने और तीन हजार रुपये नगद देने का लालच देकर कम पढ़े-लिखे व गरीब लोगों से बैंक खाते खुलवाता था।
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खाते की किट (एटीएम, पासबुक, चेकबुक) असली खाताधारक को न देकर वह सीधे साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। इन खातों का उपयोग ऑनलाइन साइबर ठगी, बेटिंग और अवैध लेन-देन में किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि 30 से 35 खाते योगेश त्रिपाठी की बैंक आईडी से खोले गए थे, जिससे उसकी संलिप्तता की पुष्टि हुई है।
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पुलिस मुकदमा पंजीकृत कर जांच में जुट गई। आरोपी को पूछताछ के लिए साइबर थाना आजमगढ़ बुलाया गया था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।