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एआरटीओ ने दो सौ स्कूल वाहनों को भेजा नोटिस
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आजमगढ़। कोरोना संक्रमण के कारण काफी लंबे समय से बंद पड़े स्कूल अब खुलने लगे हैं। 23 अगस्त से छठी से आठवीं तक कक्षाएं शुरू होने की संभावना को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तैयारी शुरू कर दी। वहीं परिवहन विभाग भी सक्रिय हो गया है। परिवहन विभाग ने स्कूल खुलने से पहले स्कूली बस व वैन को दुरुस्त करने के लिए नोटिस भेजी है। साथ ही कोरोना गाइडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन करने का भी निर्देश दिया है।
कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर सरकार ने स्कूलों में ताले लटका दिए थे। संक्रमण कम होने पर धीरे-धीरे नौवीं, दसवीं और 12वीं तक के विद्यालय खोले गए हैं। अब सरकार ने 23 अगस्त से छठी से लेकर आठवीं तक कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। वहीं परिवहन विभाग भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर तैयारियों में जुट गया है। हालांकि इसके पूर्व करीब 200 स्कूल वाहनों के मालिकों को नोटिस जारी की जा चुकी है। जिसमें कहा गया है कि वाहनों के खराब टायर बदले जाए। फर्स्ट एड बॉक्स होने चाहिए। ये सब नियम पूरा करने वाले बसों को ही बच्चों को ले जाने की अनुमति दी जाएगी। जिन वाहनों में सेफ्टी नियमों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। परिवहन विभाग के अफसर जिले के हर स्कूल का निरीक्षण कर वाहनों की जांच करेंगे। जांच में अगर वाहनों में किसी प्रकार कमी पाई गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बसों या वैन में सीट के हिसाब से ही बच्चों को बैठाने होंगे। जरूरत से ज्यादा बच्चे मिलने पर बसों और वैन का परमिट निरस्त कर दिया जाएगा। इसकी जांच के लिए परिवहन अधिकारियों की टीम का गठन किया गया है।
स्कूल शुरू होने से पहले स्कूल प्रबंधकों को बसों एंव अन्य वाहनों का फिटनेस कराना होगा। इसे लेकर विभाग अभियान चलाकर जांच करेगा। दुरुस्त वाहनों को ही रोड पर चलने दिया जाएगा।
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सतेंद्र कुमार यादव, एआरटीओ प्रशासन।
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कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर सरकार ने स्कूलों में ताले लटका दिए थे। संक्रमण कम होने पर धीरे-धीरे नौवीं, दसवीं और 12वीं तक के विद्यालय खोले गए हैं। अब सरकार ने 23 अगस्त से छठी से लेकर आठवीं तक कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। वहीं परिवहन विभाग भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर तैयारियों में जुट गया है। हालांकि इसके पूर्व करीब 200 स्कूल वाहनों के मालिकों को नोटिस जारी की जा चुकी है। जिसमें कहा गया है कि वाहनों के खराब टायर बदले जाए। फर्स्ट एड बॉक्स होने चाहिए। ये सब नियम पूरा करने वाले बसों को ही बच्चों को ले जाने की अनुमति दी जाएगी। जिन वाहनों में सेफ्टी नियमों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। परिवहन विभाग के अफसर जिले के हर स्कूल का निरीक्षण कर वाहनों की जांच करेंगे। जांच में अगर वाहनों में किसी प्रकार कमी पाई गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बसों या वैन में सीट के हिसाब से ही बच्चों को बैठाने होंगे। जरूरत से ज्यादा बच्चे मिलने पर बसों और वैन का परमिट निरस्त कर दिया जाएगा। इसकी जांच के लिए परिवहन अधिकारियों की टीम का गठन किया गया है।
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स्कूल शुरू होने से पहले स्कूल प्रबंधकों को बसों एंव अन्य वाहनों का फिटनेस कराना होगा। इसे लेकर विभाग अभियान चलाकर जांच करेगा। दुरुस्त वाहनों को ही रोड पर चलने दिया जाएगा।
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सतेंद्र कुमार यादव, एआरटीओ प्रशासन।