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UP: अरशद मदनी ने कोर्ट की एकतरफा कार्रवाई पर जताई चिंता, बोले- मुस्लिम समुदाय डरा हुआ है; जानें और क्या कहा

Mon, 02 Jun 2025 03:24 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Mon, 02 Jun 2025 03:24 PM IST
सार

जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष ने कहा कि मदरसों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है। इसको लेकर सरकार और सिस्टम को निष्पक्ष बात करनी चाहिए। उन्होंने मदरसा संचालकों से एकजुटता की अपील की है।

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Arshad Madani expressed concern over one-sided action of supreme court said Muslim community is scared
जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आजमगढ़ के सरायमीर के जामिआ शरइया फैजुल उलूम में बीती शाम जमीअत उलमा-ए-हिंद के अखिल भारतीय मदरसा सुरक्षा सम्मेलन का आयोजन किया गया, जो देर रात तक चला।

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सम्मेलन में जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद उप्र के मुस्लिम बहुल जिलों, विशेषकर नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में मदरसों, दरगाहों, ईदगाहों और कब्रिस्तानों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई पर गहरी चिंता जताई।
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उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करार देते हुए कहा कि मदरसों की सुरक्षा के लिए कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि 21 अक्टूबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने उनकी याचिका पर मदरसों के खिलाफ कार्रवाइयों और नोटिसों पर रोक लगा दी थी।
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इसके बावजूद, उत्तर प्रदेश में सैकड़ों मदरसों को असंवैधानिक घोषित कर सील किया गया और कुछ को ध्वस्त भी किया जा रहा है। वैध दस्तावेज होने के बावजूद यह अभियान जारी है, जिससे मुस्लिम समुदाय में चिंता और भय का माहौल है। 

उन्होंने मदरसा संचालकों से कागजात और वित्तीय लेनदेन को दुरुस्त रखने की अपील की, ताकि सरकार को कार्रवाई का मौका न मिले। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है, बल्कि संविधान की धारा 25, 26 और 30(1) का भी हनन है, जो अल्पसंख्यकों को धार्मिक और शैक्षिक संस्थान चलाने की स्वतंत्रता देती हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि मदरसों के खिलाफ यह कार्रवाई धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है और जमीअत उलमा-ए-हिंद इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगी। सम्मेलन में सभी मसलक के मदरसा संचालकों और जिम्मेदारों ने हिस्सा लिया। 

मौलाना मदनी ने मदरसा संचालकों से एकजुटता की अपील करते हुए कहा कि यह समय मसलकी मतभेद भूलकर एकता का है। उन्होंने लोगों से सड़कों पर विरोध के बजाय अदालत का रुख करने और मदरसों में कानूनी कमियों को दूर करने की सलाह दी।

मीडिया से बात करते हुए मौलाना मदनी ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य देश में अमन और मोहब्बत कायम रखना है। उन्होंने सरकार से सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने की मांग की और कहा कि मदरसों को तोड़ने की कार्रवाई गलत है। मदरसों को मौका दिया जाना चाहिए। ऑपरेशन सिंदूर पर पूछे गए सवाल का उन्होंने जवाब नहीं दिया।

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