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Azamgarh News: एक और टिकट दलाल गिरफ्तार, प्रतिबंधित साफ्टवेयर से निकालता था ई-टिकट
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आजमगढ़। जिले में रेलवे ई-टिकट के कालेकारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आरपीएफ व सीआईबी वाराणसी की टीम लगातार धरपकड़ कर रही है। शुक्रवार को एक और टिकट दलाल को आरपीएफ व सीआईबी की टीम ने खरियानी बाजार से एक मोबाइल केयर से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी के पास से कन्फर्म ई-टिकट, प्रतिबंधित साफ्टवेयर व टिकट बनाने में प्रयुक्त हो रहे उपकरण को बरामद कर आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की। इसके पूर्व आठ जनवरी को भी आरपीएफ ने एक टिकट दलाल को गिरफ्तार किया था।
आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) थाना प्रभारी रमेश चंद मीना के निर्देशन में उप निरीक्षक संजय शुक्ला, सउनि लोकनाथ गुप्ता व सीआईबी (अपराध आसूचना शाखा) वाराणसी के उप निरीक्षक हरीशचंद व अन्य स्टाफ द्वारा संयुक्त रूप से शुक्रवार को खरियानी बाजार स्थित अंकित मोबाइल केयर के संचालक सचिन पांडेय निवासी खरियानी थाना तरवां को रेल आरक्षित ई टिकटों के अवैध कारोबार के जुर्म में समय 12.55 बजे हिरासत में लिया गया। उसके पास से कुल तीन व्यक्तिगत आईडी मिली। वह आईआरसीटीसी की एजेंट आईडी और व्यक्तिगत आईडी से आरक्षित रेल ई-टिकट को प्रतिबंधित साफ्टवेयर की मदद से बनाकर जरूरतमंद ग्राहकों को किराए से तत्काल टिकट पर 500 रुपये व एजेंट आईडी पर 100 से 150 रुपये अधिक लेकर बेचने का काम करता है। पुलिस ने उसके पास से 23 रेल आरक्षित टिकट बरामद हुए। जिसमें छह ऐसे टिकट थे जिनपर यात्रा अभी शेष थी। जिसकी कीमत 8802 रुपये था। वहीं 17 टिकट ऐसे मिले जिसके यात्रा की तिथि समाप्त हो चुकी है। जिसकी कीमत कुल 37439 रुपये थी। पुलिस ने उसके पास से उपकरण बरामद किए। इसके साथ ही नेक्सस नाम से एक प्रतिबंधित साफ्टेयर बरामद किया। जिससे वह वेबसाइट को हैक कर ई-टिकट निकालता था। वहीं फरार चल रहे आरोपी मनीष कुमार मौर्या निवासी रामपुर थाना तरवां की तलाश कर रही है।
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आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) थाना प्रभारी रमेश चंद मीना के निर्देशन में उप निरीक्षक संजय शुक्ला, सउनि लोकनाथ गुप्ता व सीआईबी (अपराध आसूचना शाखा) वाराणसी के उप निरीक्षक हरीशचंद व अन्य स्टाफ द्वारा संयुक्त रूप से शुक्रवार को खरियानी बाजार स्थित अंकित मोबाइल केयर के संचालक सचिन पांडेय निवासी खरियानी थाना तरवां को रेल आरक्षित ई टिकटों के अवैध कारोबार के जुर्म में समय 12.55 बजे हिरासत में लिया गया। उसके पास से कुल तीन व्यक्तिगत आईडी मिली। वह आईआरसीटीसी की एजेंट आईडी और व्यक्तिगत आईडी से आरक्षित रेल ई-टिकट को प्रतिबंधित साफ्टवेयर की मदद से बनाकर जरूरतमंद ग्राहकों को किराए से तत्काल टिकट पर 500 रुपये व एजेंट आईडी पर 100 से 150 रुपये अधिक लेकर बेचने का काम करता है। पुलिस ने उसके पास से 23 रेल आरक्षित टिकट बरामद हुए। जिसमें छह ऐसे टिकट थे जिनपर यात्रा अभी शेष थी। जिसकी कीमत 8802 रुपये था। वहीं 17 टिकट ऐसे मिले जिसके यात्रा की तिथि समाप्त हो चुकी है। जिसकी कीमत कुल 37439 रुपये थी। पुलिस ने उसके पास से उपकरण बरामद किए। इसके साथ ही नेक्सस नाम से एक प्रतिबंधित साफ्टेयर बरामद किया। जिससे वह वेबसाइट को हैक कर ई-टिकट निकालता था। वहीं फरार चल रहे आरोपी मनीष कुमार मौर्या निवासी रामपुर थाना तरवां की तलाश कर रही है।
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