पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने के लिए सठियांव के फखरुद्दीनपुर गांव के पास संपर्क मार्ग के निर्माण को किसानों ने शनिवार को रोक दिया। आरोप है कि भूमि अधिग्रहित किए गए छह माह हो गए लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। किसानों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि मुआवजा देने के लिए भूमि अध्याप्त विभाग में तैनात दो लिपिक उनसे पांच प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे हैं।
पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के किनारे फखरूद्दीनपुर गांव के किसानों की जमीनों लूप रैंप (एक्सप्रेस वे पर चढ़ने और उतरने के लिए) बनाने के लिए यूपीडा के द्वारा बनाया जा रहा है। छह माह पूर्व किसानों से बात किया कि आप सभी लोग अपने जमीनों के कागजात की फाइल जमा कर दें। जिससे मुआवजा की धनराशि खातों में भेजी जा सके। आश्वासन सीआरओ ने दिया था। काफी समय बीतने के बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं मिला, इससे क्षुब्ध होकर किसान शनिवार की सुबह पूर्व प्रधान रेयाज खान के नेतृत्व में निर्माणाधीन सड़क के पास पहुंचे। इस दौरान किसानों ने काम रोकवा कर प्रदर्शन किया। किसान एहियखान, रामकेवल, तीर्थ राय, हाफिज, अफजाल, फैजान इमरान उर्फ छेदी व आशिफ सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि एसएलओ कार्यालय में तैनात दो लिपिक मुआवजा की रकम देने के एवज में उनसे पांच प्रतिशत कमीशन की मांग रहे है। कमीशन न देने पर धनराशि खाते में नहीं भेज रहें। जो व्यक्ति कमीशन की राशि दे रहा, उसका भुगतान कर दिया जा रहा। मौके पर मौजूद ठेकेदार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर वह पांच दिन पूर्व काम शुरू किया है, अधिकारियों ने बताया कि किसानों से बात हो चुकी है।