फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Anarkali of Ara performed on the second day of the film festival

फिल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन अनारकली आफ आरा का हुआ प्रदर्शन

Sun, 28 Feb 2021 12:01 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 28 Feb 2021 12:01 AM IST
विज्ञापन
Anarkali of Ara performed on the second day of the film festival
शहर के मड़या स्थित शरदा टाकीज में आजमगढ़ फिल्मोत्सव में चर्चा करते फिल्म मेकर। - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। शहर के शारदा टॉकीज में चल रहे तीसरे आजमगढ़ अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन शनिवार को पहले सत्र में इंडो-अर्जेंटिना की फ़िल्म थिंकिंग ऑफ हिम के सह-निर्माता सूरज कुमार ने शहर के युवाओं के मध्य मास्टर क्लास ली। इसके बाद बांग्लादेश के चर्चित निर्देशक तौक़ीर अहमद की फ़िल्म फागुनी हवा दिखाई गई।
विज्ञापन

इस फिल्म के बाद फ़िल्म समीक्षक मोहम्मद मुर्तजा ने फ़िल्म समीक्षक, लेखिका शोभा अक्षरा, वरिष्ठ पत्रकार चंद्रभूषण और डीयू के प्रोफेसर और फ़िल्म एवं कला समीक्षक डा. एमके पांडेय ने दर्शकों से संवाद किया। फेस्टिवल में शार्टफिल्मों का भी प्रदर्शन हो रहा है। आज इस कड़ी में भोग, संडे और ब्लैक एंड वाइट फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। इस फेस्टिवल का तीसरा सत्र कुंदन शाह निर्देशित और निलय उपाध्याय लिखित फ़िल्म थ्री सिस्टर्स के नाम रहा। थ्री सिस्टर्स के बारे में लेखक निलय उपाध्याय से पत्रकार चंद्रभूषण की बातचीत हुई और दर्शकों ने इससे संबंधित प्रश्न पूछे। अंतिम सत्र में मशहूर निर्देशक, लेखक अविनाश दास की बहुप्रशंसित फ़िल्म अनारकली ऑफ आरा दिखाई गई। इस फ़िल्म को अनेक पुरस्कार मिल चुके हैं। फेस्टिवल में इस फ़िल्म के लेखक निर्देशक अविनाश दास मौजूद थे। अविनाश दास के साथ मोहम्मद मुर्तजा, शोभा अक्षरा, प्रकाश के रे ने बातचीत की और दर्शकों के सवालों के जवाब दिए। इस फ़िल्म फेस्टिवल के आयोजक अभिषेक पंडित ने बताया कि कल का अंतिम दिन कुछ बेहतरीन फिल्मों और इनके मेकर्स के साथ बात का है। इस फ़िल्म फेस्टिवल में देश भर के अनेक हिस्सों से लगभग 50 छात्र डेलीगेट्स भी आए हुए हैं, जो सिनेमा, थियेटर,कला और पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के साथ मास्टर क्लास और वर्कशॉप भी ले रहे हैं। वास्तव, परिंदा, अनर्थ, अस्तित्व, कागज के लेखक इम्तियाज हुसैन भी फेस्टिवल में तीनों दिन मौजूद हैं। इनके अतिरिक्त शहर के गणमान्य साहित्यकार, कलाप्रेमियों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिल रही है। अभिषेक पंडित ने बताया कि बेहद कम समय में इस फेस्टिवल ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिनेमा प्रेमियों के मन में एक विशिष्ट छाप बना ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed