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आरोप: आजाद समाज पार्टी युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष की माैत नहीं हत्या
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आजमगढ़। तहबरपुर में आजाद समाज पार्टी युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष प्रवीण उर्फ सूरज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में शनिवार को परिजनों और समर्थकों ने प्रदर्शन किया। सीबीआई जांच की मांग करते हुए डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।
तहबरपुर के खुटौली गांव निवासी प्रवीण उर्फ सूरज की मौत कंधरापुर में एक पिकअप की टक्कर से हुई थी। लेकिन, मृतक के परिजनों और पार्टी नेताओं का कहना है कि यह हादसा नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। सूरज के भाई संजय गौतम ने कहा कि सूरज की हत्या एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकती है। सूरज का गांव के एक व्यक्ति से दस दिन पहले विवाद हुआ था, इसके बाद तहबरपुर थाने में तहरीर दी थी। हालांकि, आरोप है कि पुलिस ने जल्दबाजी में समझौता करा दिया। मामले को दबाने की कोशिश की। इसके बावजूद, सूरज और उसके परिवार को धमकियां मिल रही थीं। अब परिजनों का आरोप है कि सूरज की मौत को उसी विवाद में साजिश के तहत अंजाम दिया गया है।
मामले में परिजनों, भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी कांशीराम के कार्यकर्ताओं ने आंबेडकर पार्क में इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी डीएम कार्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले की ठीक से जांच नहीं की और साक्षी को धमकाकर उनके बयान बदलवाए गए। प्रदर्शनकारियों ने सीबीआई से जांच की मांग की। आरोप लगाया कि पुलिस ने दबाने की कोशिश कर रही है।
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तहबरपुर के खुटौली गांव निवासी प्रवीण उर्फ सूरज की मौत कंधरापुर में एक पिकअप की टक्कर से हुई थी। लेकिन, मृतक के परिजनों और पार्टी नेताओं का कहना है कि यह हादसा नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। सूरज के भाई संजय गौतम ने कहा कि सूरज की हत्या एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकती है। सूरज का गांव के एक व्यक्ति से दस दिन पहले विवाद हुआ था, इसके बाद तहबरपुर थाने में तहरीर दी थी। हालांकि, आरोप है कि पुलिस ने जल्दबाजी में समझौता करा दिया। मामले को दबाने की कोशिश की। इसके बावजूद, सूरज और उसके परिवार को धमकियां मिल रही थीं। अब परिजनों का आरोप है कि सूरज की मौत को उसी विवाद में साजिश के तहत अंजाम दिया गया है।
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मामले में परिजनों, भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी कांशीराम के कार्यकर्ताओं ने आंबेडकर पार्क में इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी डीएम कार्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले की ठीक से जांच नहीं की और साक्षी को धमकाकर उनके बयान बदलवाए गए। प्रदर्शनकारियों ने सीबीआई से जांच की मांग की। आरोप लगाया कि पुलिस ने दबाने की कोशिश कर रही है।
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