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Azamgarh News: दो दिन में शहर में बढ़ा प्रदूषण, एक्यूआई 346 पर
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16 आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर सुबह 6:00 बजे घने कोहरे के बीच हेड लाइट जलाकर जाता वाहन। संवाद
- फोटो : katra news
संवाद न्यूज एजेंसी
आजमगढ़। जिले में ठंड के बीच कोहरे ने दस्तक दे दी है। आलम यह है कि दिन में हल्की धूप निकलने के बावजूद पूरे दिन धूंध सी बनी रही। इस दौरान दो दिन से जिला मुख्यालय का वायु गुणवत्ता सूचकांक भी 350 के करीब पहुंच गया। हवा की गुणवत्ता खराब होने से पीएम 2.5 अत्यधिक बढ़ा रहा। इसके चलते दिन में भी दृश्यता कम रही। सुबह-शाम कोहरा छाने से हवा की गुणवत्ता बिगड़ गई है।
जिला मुख्यालय पर कचहरी के पास शनिवार की दोपहर दो बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 346 दर्ज किया गया। वहीं शुक्रवार की शाम करीब छह बजे 322 दर्ज किया गया था। बीते कई दिनों से दिन में हवा के न बहने का असर है कि पूरे दिन आसमान में धुंध छाई रहती है। दिन में हल्की धूप निकलने से थोड़ी राहत तो मिलती है पर शाम होते ही सूचकांक और खतरनाक अवस्था में पहुंच जा रहा है।
एक्यूआई के इस स्तर पर सांस लेना, एक दिन में कई सिगरेट पीने के बराबर नुकसानदायक हो सकता है। विशेषज्ञों की मानें तो पीएम 2.5 का लेवल लगातार ज्यादा बना रहता है तो वहां लोगों में सांस संबंधी बीमारियों के विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) जब 300 से ऊपर से हवा बहुत खराब या गंभीर श्रेणी में आ जाती है। यह स्तर सभी लोगों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए सीधा जानलेवा हो सकता है।
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तापमान गिरने से हवा रुक जाती है, तो प्रदूषण के कण हवा में फैल नहीं पाते और जमीन की सतह के पास ही जमा हो जाते हैं। जिससे एक्यूआई बढ़ जाता है और लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। - जितेंद्र कुमार, वैज्ञानिक सहायक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
जिला अस्पताल में सांस रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है। प्रतिदिन 20 से 25 की संख्या में ओपीडी में मरीज आते थे, इस समय यह संख्या 50 से 60 के करीब हो गई है। जब अशुद्ध हवा हो तो सांस रोगियों को सावधान रहना होगा। - डॉ. आरके कुशवाहा, फिजिशियन, मंडलीय जिला अस्पताल।
एक्यूआई की श्रेणियां
0-50 (अच्छा) : हवा साफ, कोई खतरा नहीं।
51-100 (संतोषजनक): संवेदनशील लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
101-200 (मध्यम/अस्वस्थ) : बच्चे, बुजुर्ग, अस्थमा रोगी के लिए अस्वस्थ, बाहरी गतिविधियां सीमित करें।
201-300 (खराब/बहुत अस्वस्थ) : सभी के लिए अस्वस्थ।
300+ (गंभीर) : गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं, फेफड़ों पर सीधा असर, तुरंत सुरक्षा उपाय करें।
कोहरे ने दी दस्तक, पांच मीटर से भी कम दृश्यता
आजमगढ़। दिसंबर के मध्य में कोहरे ने जिले में दस्तक दी है। दो दिनों से मैदान में कोहरे की सफेद चादर छाई है। इसके साथ ही ठंड भी अपना असर दिखा रही है। शनिवार को दृश्यता पांच मीटर से भी कम रही। सुबह 10 बजे के बाद तक सड़क पर वाहन लाइट जलाकर चल रहे हैं।
इस ठंड के सीजन का शुक्रवार को पहला कोहरा पड़ा। करीब पूरे दिन कोहरे का आलम बना रहा। कोहरे का असर दिन में 11 बजे के बाद तक रहा। शाम सात बजे के बाद सड़कों पर कोहरा छा गया। यही हाल शनिवार की सुबह व शाम का भी रहा। सुबह आसमान कोहरे की सफेद चादर से लिपटा रहा। तो वहीं ठंड भी लोगों को परेशान करती रही। आजमगढ़-मऊ राज्यमार्ग, आजमगढ़-वाराणसी, लखनऊ, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे सहित ग्रामीण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमीं रही।
कोहरा शुरू होते ही रेंगने को मजबूर हुए वाहन
अंबारी। कोहरे की दस्तक होते ही सुबह सड़के सुनी नजर आई। सड़कों पर फर्राटा भरने वाले वाहन रेंगते नजर आए। शनिवार सुबह क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहा। पहले जो वाहन सड़कों पर फर्राटा भर रहे थे, वह शनिवार को सड़कों पर रेंगते नजर आए। छोटे-बड़े वाहन हेडलाइट के सहारे सावधानी पूर्वक चल रहे थे। संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए लोग बेहद धीमी गति से वाहन चला रहे थे। कोहरे के बीच स्कूली छात्र-छात्राएं ठिठुरते हुए स्कूल जाने को विवश हुए।
घने कोहरे से थमी रफ्तार, सर्दी बढ़ने से जनजीवन प्रभावित
रानी की सराय। मौसम के बदले मिजाज के बीच शनिवार सुबह क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता बेहद कम होने के कारण लखनऊ-बलिया और आजमगढ़-गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। वाहन चालक हेडलाइट जलाकर सावधानी पूर्वक वाहन चलाते नजर आए।
10 फीट दूरी तक भी नहीं दिखा
बिंद्रा बाजार। ठंड के मौसम में कोहरा पड़ने से वाहनों की रफ्तार धीमी हुई। आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर शनिवार की सुबह 6:00 बजे से 10 बजे तक घना कोहरा रहा। इससे आगे 10 फीट की दूरी भी सफ नहीं दिख रही थी। रानीपुर-राजमो बाइपास पटेल ढाबा से लेकर बिंद्रा बाजार अंदर की तरफ आने वाली सड़क और थाना गंभीरपुर से लेकर बिंद्रा बाजार अंदर की तरफ आने वाली सड़क पर मोड पर कोहरा घना रहा।
पारा लुढ़कने से बढ़ी ठंड
मेजवां। फूलपुर और ग्रामीण इलाकों में मौसम ने करवट ले लिया है। पारा लुढ़कने के साथ ठंड बढ़ने लगी है। सुबह-शाम घना कोहरा पड़ रहा है। सुबह-शाम घरों के अंदर लोग हीटर, ब्लोअर के सहारे समय बिता रहे है। गांवों में तापमान में और गिरावट महसूस की जा रही है। 10 बजे के बाद कोहरे को चीरते हुए सूर्यदेव का आभामंडल दिखाई देने लगा। चिकित्सक मोहम्मद अजीम के अनुसार इस मौसम में बुजुर्गों और बच्चों को काफी सजग रहने की जरूरत है। वाहन पर चलते समय गर्म कपड़ों से बदन अच्छी तरह ढका होना चाहिए।
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आजमगढ़। जिले में ठंड के बीच कोहरे ने दस्तक दे दी है। आलम यह है कि दिन में हल्की धूप निकलने के बावजूद पूरे दिन धूंध सी बनी रही। इस दौरान दो दिन से जिला मुख्यालय का वायु गुणवत्ता सूचकांक भी 350 के करीब पहुंच गया। हवा की गुणवत्ता खराब होने से पीएम 2.5 अत्यधिक बढ़ा रहा। इसके चलते दिन में भी दृश्यता कम रही। सुबह-शाम कोहरा छाने से हवा की गुणवत्ता बिगड़ गई है।
जिला मुख्यालय पर कचहरी के पास शनिवार की दोपहर दो बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 346 दर्ज किया गया। वहीं शुक्रवार की शाम करीब छह बजे 322 दर्ज किया गया था। बीते कई दिनों से दिन में हवा के न बहने का असर है कि पूरे दिन आसमान में धुंध छाई रहती है। दिन में हल्की धूप निकलने से थोड़ी राहत तो मिलती है पर शाम होते ही सूचकांक और खतरनाक अवस्था में पहुंच जा रहा है।
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एक्यूआई के इस स्तर पर सांस लेना, एक दिन में कई सिगरेट पीने के बराबर नुकसानदायक हो सकता है। विशेषज्ञों की मानें तो पीएम 2.5 का लेवल लगातार ज्यादा बना रहता है तो वहां लोगों में सांस संबंधी बीमारियों के विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) जब 300 से ऊपर से हवा बहुत खराब या गंभीर श्रेणी में आ जाती है। यह स्तर सभी लोगों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए सीधा जानलेवा हो सकता है।
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तापमान गिरने से हवा रुक जाती है, तो प्रदूषण के कण हवा में फैल नहीं पाते और जमीन की सतह के पास ही जमा हो जाते हैं। जिससे एक्यूआई बढ़ जाता है और लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। - जितेंद्र कुमार, वैज्ञानिक सहायक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
जिला अस्पताल में सांस रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है। प्रतिदिन 20 से 25 की संख्या में ओपीडी में मरीज आते थे, इस समय यह संख्या 50 से 60 के करीब हो गई है। जब अशुद्ध हवा हो तो सांस रोगियों को सावधान रहना होगा। - डॉ. आरके कुशवाहा, फिजिशियन, मंडलीय जिला अस्पताल।
एक्यूआई की श्रेणियां
0-50 (अच्छा) : हवा साफ, कोई खतरा नहीं।
51-100 (संतोषजनक): संवेदनशील लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
101-200 (मध्यम/अस्वस्थ) : बच्चे, बुजुर्ग, अस्थमा रोगी के लिए अस्वस्थ, बाहरी गतिविधियां सीमित करें।
201-300 (खराब/बहुत अस्वस्थ) : सभी के लिए अस्वस्थ।
300+ (गंभीर) : गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं, फेफड़ों पर सीधा असर, तुरंत सुरक्षा उपाय करें।
कोहरे ने दी दस्तक, पांच मीटर से भी कम दृश्यता
आजमगढ़। दिसंबर के मध्य में कोहरे ने जिले में दस्तक दी है। दो दिनों से मैदान में कोहरे की सफेद चादर छाई है। इसके साथ ही ठंड भी अपना असर दिखा रही है। शनिवार को दृश्यता पांच मीटर से भी कम रही। सुबह 10 बजे के बाद तक सड़क पर वाहन लाइट जलाकर चल रहे हैं।
इस ठंड के सीजन का शुक्रवार को पहला कोहरा पड़ा। करीब पूरे दिन कोहरे का आलम बना रहा। कोहरे का असर दिन में 11 बजे के बाद तक रहा। शाम सात बजे के बाद सड़कों पर कोहरा छा गया। यही हाल शनिवार की सुबह व शाम का भी रहा। सुबह आसमान कोहरे की सफेद चादर से लिपटा रहा। तो वहीं ठंड भी लोगों को परेशान करती रही। आजमगढ़-मऊ राज्यमार्ग, आजमगढ़-वाराणसी, लखनऊ, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे सहित ग्रामीण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमीं रही।
कोहरा शुरू होते ही रेंगने को मजबूर हुए वाहन
अंबारी। कोहरे की दस्तक होते ही सुबह सड़के सुनी नजर आई। सड़कों पर फर्राटा भरने वाले वाहन रेंगते नजर आए। शनिवार सुबह क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहा। पहले जो वाहन सड़कों पर फर्राटा भर रहे थे, वह शनिवार को सड़कों पर रेंगते नजर आए। छोटे-बड़े वाहन हेडलाइट के सहारे सावधानी पूर्वक चल रहे थे। संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए लोग बेहद धीमी गति से वाहन चला रहे थे। कोहरे के बीच स्कूली छात्र-छात्राएं ठिठुरते हुए स्कूल जाने को विवश हुए।
घने कोहरे से थमी रफ्तार, सर्दी बढ़ने से जनजीवन प्रभावित
रानी की सराय। मौसम के बदले मिजाज के बीच शनिवार सुबह क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता बेहद कम होने के कारण लखनऊ-बलिया और आजमगढ़-गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। वाहन चालक हेडलाइट जलाकर सावधानी पूर्वक वाहन चलाते नजर आए।
10 फीट दूरी तक भी नहीं दिखा
बिंद्रा बाजार। ठंड के मौसम में कोहरा पड़ने से वाहनों की रफ्तार धीमी हुई। आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर शनिवार की सुबह 6:00 बजे से 10 बजे तक घना कोहरा रहा। इससे आगे 10 फीट की दूरी भी सफ नहीं दिख रही थी। रानीपुर-राजमो बाइपास पटेल ढाबा से लेकर बिंद्रा बाजार अंदर की तरफ आने वाली सड़क और थाना गंभीरपुर से लेकर बिंद्रा बाजार अंदर की तरफ आने वाली सड़क पर मोड पर कोहरा घना रहा।
पारा लुढ़कने से बढ़ी ठंड
मेजवां। फूलपुर और ग्रामीण इलाकों में मौसम ने करवट ले लिया है। पारा लुढ़कने के साथ ठंड बढ़ने लगी है। सुबह-शाम घना कोहरा पड़ रहा है। सुबह-शाम घरों के अंदर लोग हीटर, ब्लोअर के सहारे समय बिता रहे है। गांवों में तापमान में और गिरावट महसूस की जा रही है। 10 बजे के बाद कोहरे को चीरते हुए सूर्यदेव का आभामंडल दिखाई देने लगा। चिकित्सक मोहम्मद अजीम के अनुसार इस मौसम में बुजुर्गों और बच्चों को काफी सजग रहने की जरूरत है। वाहन पर चलते समय गर्म कपड़ों से बदन अच्छी तरह ढका होना चाहिए।