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बिना मानचित्र के हो रहे निर्माण को एडीए ने किया सील
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फिर जागा आजमगढ़ विकास प्राधिकरण और नगर के सिविल लाइंस क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए हो रहे भवन निर्माण को बुधवार को सील कर दिया। विभाग का कहना है कि उक्त भवन के ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया गया था। इसके बाद भी इनके द्वारा चोरी छिपे निर्माण कराया गया।
एडीए की कार्यशैली हमेशा सवालों के घेरे में रहती है। एडीए द्वारा बुधवार को सिविल लाइंस चौराहे पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए एक निर्माणाधीन भवन को सील किया गया। विभाग के सचिव बैजनाथ का कहना है कि उक्त निर्माणाधीन भवन का मामला काफी दिनों से चल रहा है जिसमें सात मई 2018 को भवन के ध्वस्तीकरण का आदेश भी पारित हो चुका है। इसके बाद भी उक्त भवन मालिक द्वारा चोरी छिपे भवन का निर्माण जारी रखा गया। लेकिन यह बात कुछ हजम नहीं होती है। क्योंकि चोरी छिपे कोई एक तल मकान बना सकता है न कि चार तले की बिल्डिंग खड़ी कर सकता है। जबकि उक्त भवन मुख्य मार्ग पर स्थित है और आते जाते कोई भी देख सकता है। इस पर विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ी यह समझ से परे है जो विभाग की कार्यशैली पर एक प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। फिलहाल विभाग द्वारा भवन को सील कर नगर कोतवाली पुलिस की अभिरक्षा में दे दिया गया है।
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एडीए की कार्यशैली हमेशा सवालों के घेरे में रहती है। एडीए द्वारा बुधवार को सिविल लाइंस चौराहे पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए एक निर्माणाधीन भवन को सील किया गया। विभाग के सचिव बैजनाथ का कहना है कि उक्त निर्माणाधीन भवन का मामला काफी दिनों से चल रहा है जिसमें सात मई 2018 को भवन के ध्वस्तीकरण का आदेश भी पारित हो चुका है। इसके बाद भी उक्त भवन मालिक द्वारा चोरी छिपे भवन का निर्माण जारी रखा गया। लेकिन यह बात कुछ हजम नहीं होती है। क्योंकि चोरी छिपे कोई एक तल मकान बना सकता है न कि चार तले की बिल्डिंग खड़ी कर सकता है। जबकि उक्त भवन मुख्य मार्ग पर स्थित है और आते जाते कोई भी देख सकता है। इस पर विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ी यह समझ से परे है जो विभाग की कार्यशैली पर एक प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। फिलहाल विभाग द्वारा भवन को सील कर नगर कोतवाली पुलिस की अभिरक्षा में दे दिया गया है।
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