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नाली-नाले में सीधे मल बहाने वालों पर होगी कार्रवाई: जिलाधिकारी
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मुबारकपुर कस्बे में संक्रामक रोग फैलने का मुख्य कारण यहां की सीवेज प्रणाली है। ज्यादातर घरों के शौचालयों का सैप्टिक टैंक असुरक्षित है या उसकी गंदगी सीधे नालियों के जरिए पोखरों में बहा दी जाती है। जिलाधिकारी ने नालों में शौचालय की गंदगी बहाने वालों पर कार्रवाई का आदेश दिया है।
मुबारकपुर कस्बा में वर्ष 2014 से लगातार ही संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। 2014 में डायरिया से छह से लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2018 में दो बार पीलिया का संक्रमण फैला, जिससे 12 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। इस साल डायरिया से 500 से ज्यादा लोग पीड़ित हुए हैं जबकि छह लोगों की जान चली गई है। संक्रामक रोगों के फैलने का मुख्य कारण दूषित पानी बताया जा रहा है।
नगर पलिका की पाइप लाइन जर्जर हो चुकी हैं और उनमें कई जगह मल-जल मिलता है। इसके अलावा पिछले कुछ सालों में ज्यादातर घरों में शौचालय बने हैं लेकिन उनके सेप्टिक टैंक नहीं बनाए गए हैं। मल-जल सीधे नाले-नालियों में ही बहाया जा रहा है। वर्ष 2018 में पानी की जांच में इसकी पुष्टि हुई थी। पेयजल में फीकल कोलिफार्म में मात्रा ज्यादा पाई गई थी। इस बात के संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार ने जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सभी को नोटिस दिया जाएगा और वे तत्काल शौचालयों के साथ सेप्टिक टैंक बनवा लें। इसके बाद भी सेप्टिक टैंक न बनवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नपा प्रशासन को इस बाबत दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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मुबारकपुर कस्बा में वर्ष 2014 से लगातार ही संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। 2014 में डायरिया से छह से लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2018 में दो बार पीलिया का संक्रमण फैला, जिससे 12 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। इस साल डायरिया से 500 से ज्यादा लोग पीड़ित हुए हैं जबकि छह लोगों की जान चली गई है। संक्रामक रोगों के फैलने का मुख्य कारण दूषित पानी बताया जा रहा है।
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नगर पलिका की पाइप लाइन जर्जर हो चुकी हैं और उनमें कई जगह मल-जल मिलता है। इसके अलावा पिछले कुछ सालों में ज्यादातर घरों में शौचालय बने हैं लेकिन उनके सेप्टिक टैंक नहीं बनाए गए हैं। मल-जल सीधे नाले-नालियों में ही बहाया जा रहा है। वर्ष 2018 में पानी की जांच में इसकी पुष्टि हुई थी। पेयजल में फीकल कोलिफार्म में मात्रा ज्यादा पाई गई थी। इस बात के संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार ने जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सभी को नोटिस दिया जाएगा और वे तत्काल शौचालयों के साथ सेप्टिक टैंक बनवा लें। इसके बाद भी सेप्टिक टैंक न बनवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नपा प्रशासन को इस बाबत दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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