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Azamgarh News: बिना लाइसेंस कैब और डिलीवरी सेवाएं चलाने पर होगी कार्रवाई, कंपनियों का पंजीकरण अनिवार्य
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एप आधारित कैब, यात्री परिवहन और डिलीवरी सेवाओं के संचालन के नियम सख्त होने जा रहे हैं। परिवहन विभाग के यूपी माई फ्लीट पोर्टल के माध्यम से जिले में सक्रिय एग्रीगेटर और ई-कॉमर्स इकाइयों के पंजीकरण और लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
इसके तहत सभी संबंधित कंपनियों को चिह्नित कर लाइसेंस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। बिना लाइसेंस सेवाएं संचालित करने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एआरटीओ प्रशासन विष्णुदत्त मिश्रा ने बताया कि परिवहन आयुक्त की समीक्षा बैठक में मिले निर्देशों के क्रम में जिले में संचालित एग्रीगेटर और ई-कॉमर्स कंपनियों को पोर्टल पर आवेदन कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
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संबंधित कंपनियों को चिह्नित कर लाइसेंस प्रक्रिया से जोड़ने का अभियान इसी माह से प्रभावी होगा। नए प्रावधानों के तहत एग्रीगेटर और वितरण सेवा प्रदाताओं को सेवाएं शुरू करने से पहले निर्धारित लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
कंपनियों को अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े चालकों और वाहनों के जरूरी दस्तावेजों का रिकॉर्ड भी रखना होगा। इसमें चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों के बीमा, फिटनेस तथा प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र शामिल हैं।
परिवहन विभाग के कर्मचारी सेवा प्रदाताओं की जानकारी जुटाकर उसे पोर्टल पर दर्ज कराएंगे और लाइसेंस प्रक्रिया पूरी करने के लिए संबंधित इकाइयों को नोटिस देंगे।
00
सुनिश्चित होगी यात्रियों और ग्राहकों की सुरक्षा
इस व्यवस्था से यात्रियों और ग्राहकों की सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलेगी। चालकों और वाहनों के दस्तावेजों का सत्यापन होने से फर्जी कागजात के सहारे कैब और डिलीवरी सेवाएं संचालित करने पर अंकुश लगाया जा सकेगा। इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े चालकों और वाहनों की जानकारी विभाग के पास उपलब्ध रहेगी, जिससे निगरानी आसान होगी।
00 वर्जन
परिवहन आयुक्त की समीक्षा बैठक में नए प्रावधानों की जानकारी मिली है। प्राप्त निर्देशों के क्रम में यूपी माई फ्लीट पोर्टल पर जनपदवार सक्रिय एग्रीगेटर और वितरण सेवा प्रदाताओं की जानकारी दर्ज कराई जाएगी। इसके बाद संबंधित इकाइयों के लिए लाइसेंस की अनिवार्यता पूरी कराई जाएगी। - विष्णुदत्त मिश्रा, एआरटीओ प्रशासन, आजमगढ़।
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इसके तहत सभी संबंधित कंपनियों को चिह्नित कर लाइसेंस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। बिना लाइसेंस सेवाएं संचालित करने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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एआरटीओ प्रशासन विष्णुदत्त मिश्रा ने बताया कि परिवहन आयुक्त की समीक्षा बैठक में मिले निर्देशों के क्रम में जिले में संचालित एग्रीगेटर और ई-कॉमर्स कंपनियों को पोर्टल पर आवेदन कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
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संबंधित कंपनियों को चिह्नित कर लाइसेंस प्रक्रिया से जोड़ने का अभियान इसी माह से प्रभावी होगा। नए प्रावधानों के तहत एग्रीगेटर और वितरण सेवा प्रदाताओं को सेवाएं शुरू करने से पहले निर्धारित लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
कंपनियों को अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े चालकों और वाहनों के जरूरी दस्तावेजों का रिकॉर्ड भी रखना होगा। इसमें चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों के बीमा, फिटनेस तथा प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र शामिल हैं।
परिवहन विभाग के कर्मचारी सेवा प्रदाताओं की जानकारी जुटाकर उसे पोर्टल पर दर्ज कराएंगे और लाइसेंस प्रक्रिया पूरी करने के लिए संबंधित इकाइयों को नोटिस देंगे।
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सुनिश्चित होगी यात्रियों और ग्राहकों की सुरक्षा
इस व्यवस्था से यात्रियों और ग्राहकों की सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलेगी। चालकों और वाहनों के दस्तावेजों का सत्यापन होने से फर्जी कागजात के सहारे कैब और डिलीवरी सेवाएं संचालित करने पर अंकुश लगाया जा सकेगा। इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े चालकों और वाहनों की जानकारी विभाग के पास उपलब्ध रहेगी, जिससे निगरानी आसान होगी।
00 वर्जन
परिवहन आयुक्त की समीक्षा बैठक में नए प्रावधानों की जानकारी मिली है। प्राप्त निर्देशों के क्रम में यूपी माई फ्लीट पोर्टल पर जनपदवार सक्रिय एग्रीगेटर और वितरण सेवा प्रदाताओं की जानकारी दर्ज कराई जाएगी। इसके बाद संबंधित इकाइयों के लिए लाइसेंस की अनिवार्यता पूरी कराई जाएगी। - विष्णुदत्त मिश्रा, एआरटीओ प्रशासन, आजमगढ़।