{"_id":"61b0d7505e26af37a36a744d","slug":"action-continues-against-mukhtar-ansari-property-worth-three-crores-of-henchmen-attached-in-azamgarh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मुख्तार अंसारी के खिलाफ एक्शन जारी: आजमगढ़ में गुर्गे की तीन करोड़ की संपत्ति कुर्क, कुख्यात अपराधी जेल की काट रहा सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्तार अंसारी के खिलाफ एक्शन जारी: आजमगढ़ में गुर्गे की तीन करोड़ की संपत्ति कुर्क, कुख्यात अपराधी जेल की काट रहा सजा
Wed, 08 Dec 2021 09:33 PM IST
उत्पल कांत
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: उत्पल कांत
Updated Wed, 08 Dec 2021 09:33 PM IST
सार
आजमगढ़ जिले के हिस्ट्रीशीटर और मुख्तार अंसारी के सहयोगी शाहजमां उर्फ नैय्यर की तीन करोड़ की संपत्ति को पुलिस ने कुर्क किया है।
विज्ञापन
शाहजमां उर्फ नैय्यर की संपत्ति को कुर्क
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बाहुबली विधायक माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ पुलिस-प्रशासन का एक्शन जारी है। बुधवार को आजमगढ़ में मुख्तार के सहयोगी और आईएस 191 गैंग के लीडर शाहजमां उर्फ नैय्यर की तीन करोड़ की संपत्ति को कुर्क किया गया। यह संपत्ति मार्टीनगंज के मोहमदपुर फेटी गांव में मौजूद थी।
विज्ञापन
शाहजमां वर्तमान में जेल में बंद है। वह जनपद स्तर पर पंजीकृत सक्रिय गैंग डी-72 का एक कुख्यात अपराधी है। आजमगढ़ एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि मुख्तार अंसारी गैंग का सहयोगी और हिस्ट्रीशीटर अपराधी शाहजमां उर्फ नैय्यर गैंगस्टर में निरुद्ध है। इसके चलते उसकी करीब तीन करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई।
विज्ञापन
आजमगढ़ और आसपास के जिलों में शाहजमां उर्फ नैय्यर का आतंक
कुर्क की गई संपत्ति में दो भूखंड जिसका बाजार मूल्य तीन करोड़ है। एसपी ने बताया कि शाहजमां बरदह थाने का हिस्ट्रीशीटर है। बताया कि शाहजमां 1990 से अपराध जगत में सक्रिय है। उसका आजमगढ़ और आसपास के जनपदों में भी आतंक है।
विज्ञापन
पढ़ेंः मुख्तार के दो करीबी भगोड़ा घोषित: बाराबंकी पुलिस ने गाजीपुर में दी दबिश, सुराग देने वालों को 25 हजार का इनाम
Trending Videos
उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा और मारपीट की धाराओं में करीब दो दर्जन मामले दर्ज हैं। एसपी की मानें तो कुर्क मकान से विभिन्न आपराधिक गतिविधियों का संचालन गैंग के सदस्यों के सहयोग से और अपराधियों को शरण देने के लिए किया जाता था।
पढ़ेंः आजमगढ़ में शराब माफिया सगे भाइयों की करोड़ों की संपत्ति कुर्क, जहरीली शराब से हुई थी 24 से अधिक मौतें