फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   200 council-run schools in the district lack boundary walls.

Azamgarh News: जिले के 200 परिषदीय विद्यालयों में नहीं है बाउंड्रीवाल

Tue, 27 Oct 2026 01:53 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2026 01:53 AM IST
विज्ञापन
200 council-run schools in the district lack boundary walls.
जिले के 2706 परिषदीय विद्यालयों में से 200 ऐसे स्कूल हैं, जहां अब तक चहारदीवारी का निर्माण नहीं हो सका है। इन विद्यालयों का खुला परिसर बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। स्कूल के समय में आवारा पशुओं की आवाजाही, बाहरी लोगों का प्रवेश और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी से शिक्षक और अभिभावक दोनों परेशान हैं।
विज्ञापन

कायाकल्प योजना के तहत जहां अन्य स्कूलों को कान्वेंट स्कूलों की तरह सुसज्जित किया जा रहा है, वहीं चहारदीवारी के अभाव में इन 200 स्कूलों में आवारा पशुओं का आना-जाना लगा रहता है। इससे गंदगी फैलती है और बच्चों के लिए खतरा उत्पन्न होता है।
विज्ञापन

प्रधानाध्यापकों द्वारा कई बार विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजे जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है। शिक्षकों का कहना है कि खुले परिसर के कारण विद्यालयों में चोरी जैसी छोटी-मोटी घटनाएं भी होती रहती हैं। पवई के राम दयाल, जहानागंज क्षेत्र के सुरेंद्र कुमार और ठेकमा के जयप्रकाश ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। पशुओं और जानवरों से खतरा रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्कूल की छुट्टी के बाद परिसर में अराजक तत्वों का जमावड़ा लगता है और वे गंदगी फैलाते हैं। इसके अतिरिक्त, लगभग 1800 प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण बच्चे फर्श पर तिरपाल बिछाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विभाग की ओर से डेस्क और बेंच के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
सोमवार को टीम की पड़ताल में पवई विकास खंड के शाहमर्दानपुर, ठेकमा विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय चौकी और प्राथमिक विद्यालय गड़हा, जहानागंज विकास खंड के कंपोजिट विद्यालय दौलताबाद तथा पल्हनी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय सराय सादी में बाउंड्रीवाल नहीं मिली। सठियांव विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय दौलतपुर में बाउंड्रीवाल का निर्माण होता मिला।
00
मिशन कायाकल्प के तहत ग्राम प्रधानों को कराना था कार्य
शासन की ओर से मिशन कायाकल्प अभियान चलाया गया है। इस अभियान के तहत विद्यालयों का सुंदरीकरण ग्राम पंचायत स्तर से किया जाना था। कई साल बीत गए, लेकिन अभी तक यह अभियान पूरा नहीं हो सका है। इस अभियान के तहत विद्यालयों के सुंदरीकरण के साथ ही उनकी बाउंड्रीवाल भी बनाई जानी थी।

00 वर्जन
मिशन कायाकल्प के तहत इस कार्य को ग्राम पंचायतों को कराना था। उन्हें विद्यालयों का सुंदरीकरण कराने के साथ ही विद्यालयों की चहारदीवारी बनाकर उन्हें सुरक्षित करना था। लेकिन, अभी तक हमारे 200 विद्यालय चहारदीवारी विहीन हैं। ग्राम प्रधानों द्वारा इस पर कार्य नहीं कराया गया है। -राजीव पाठक, बीएसए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed