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Azamgarh News: गुरुद्वारा साहिब की जमीन पर गलत रिपोर्ट देने का आरोप, संगत ने की निष्पक्ष जांच की मांग
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आजमगढ़। गुरुद्वारा श्री गुरुनानक दरबार, विट्ठलघाट संगत आजमगढ़ ने उच्चाधिकारियों पर गुरुद्वारा साहिब की जमीन के संबंध में गलत और भ्रामक रिपोर्ट देने का आरोप लगाया है। संगत के प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह ने एक शिकायती पत्र के माध्यम से इस मामले में डीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, उपजिलाधिकारी सदर की ओर से 20 जनवरी 2024 को गुरुद्वारा साहिब की जमीन के संबंध में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), आजमगढ़ और अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) को रिपोर्ट भेजी गई थी। इसके बाद, दोनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से 31 जनवरी 2024 को उपायुक्त सर्वे कमिश्नर वक्फ, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को आख्या भेजी। सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के बिंदु-5 में दो लोगों को आर्थिक रूप से कमजोर बताते हुए दावा किया गया कि उनके पास अन्य कोई आवास नहीं है। यह दावा गलत है, क्योंकि उनका पक्का मकान दूसरी जगह मौजूद है। इसके अलावा, रिपोर्ट में बिंदु-8 में यह कहा गया कि विपक्षियों के खिलाफ 12 सितंबर 2023 को एकपक्षीय आदेश जारी हुआ, जो भी असत्य है। वास्तव में, उक्त तिथि को सभी विपक्षी वकालतनामा के माध्यम से उपस्थित थे। गुरुद्वारा संगत ने इस गलत आख्या को गंभीर लापरवाही और बिना स्थलीय जांच के तैयार किया गया दस्तावेज बताया है।
गुरुद्वारा का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उक्त मामले की जांच की गई थी जो रिपोर्ट थी उसको लगाई गई है। इसमें कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की जा सकती है।- राहुल विश्वकर्मा, एडीएम प्रशासन
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शिकायत के अनुसार, उपजिलाधिकारी सदर की ओर से 20 जनवरी 2024 को गुरुद्वारा साहिब की जमीन के संबंध में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), आजमगढ़ और अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) को रिपोर्ट भेजी गई थी। इसके बाद, दोनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से 31 जनवरी 2024 को उपायुक्त सर्वे कमिश्नर वक्फ, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को आख्या भेजी। सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के बिंदु-5 में दो लोगों को आर्थिक रूप से कमजोर बताते हुए दावा किया गया कि उनके पास अन्य कोई आवास नहीं है। यह दावा गलत है, क्योंकि उनका पक्का मकान दूसरी जगह मौजूद है। इसके अलावा, रिपोर्ट में बिंदु-8 में यह कहा गया कि विपक्षियों के खिलाफ 12 सितंबर 2023 को एकपक्षीय आदेश जारी हुआ, जो भी असत्य है। वास्तव में, उक्त तिथि को सभी विपक्षी वकालतनामा के माध्यम से उपस्थित थे। गुरुद्वारा संगत ने इस गलत आख्या को गंभीर लापरवाही और बिना स्थलीय जांच के तैयार किया गया दस्तावेज बताया है।
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गुरुद्वारा का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उक्त मामले की जांच की गई थी जो रिपोर्ट थी उसको लगाई गई है। इसमें कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की जा सकती है।- राहुल विश्वकर्मा, एडीएम प्रशासन
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