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अनुपस्थित एक्सईएन, परियोजना प्रबन्धक से स्पष्टीकरण मांगा
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कमिश्नरी कार्यालय के सभागार में मंडलीय विकास कार्यो की समीक्षा बैठक को संबोधित करती मंडलायुक्त
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। मंडल के तीनों जनपद में 50 लाख और उससे अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा से अनुपस्थित रहने पर आवास विकास परिषद गाजीपुर के एक्सईएन, उप्र राजकीय निर्माण निगम वाराणसी इकाई के परियोजना प्रबंधक और सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही उप्र राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक के लगातार अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजने का निर्देश कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने दिया है।
सोमवार को मंडलायुक्त ने समीक्षा बैठक में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और एनएचएआई के कार्यों की सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर असंतोष जताया। आवास विकास परिषद बलिया द्वारा थाना गड़वार में निर्माणाधीन प्रशासनिक भवन और हुसैनाबाद में क्षेत्रीय पंचायतीराज प्रशिक्षण संस्थान के तहत जमुड़ी में सीएंडडीएस द्वारा बनाए जा रहे राजकीय इंटर कालेज की भौतिक प्रगति और गुणवत्ता की जांच के लिए प्राविधिक परीक्षक ग्राम्य विकास (टीएसी) और एक्सईएम लोनिवि की टीम बनाकर एक सप्ताह में जांच आख्या मांगी है। आजमगढ़ में वर्ष 1999 से सीएंडडीएस के स्तर पर डॉ. आंबेडकर पुस्तकालय के अधूरे पड़े निर्माण के लिए दोषी तत्कालीन एई, जेई आदि का उत्तरदायित्व निर्धारित कर आख्या मांगी गई।
पैक्सफेड के स्तर पर कई परियोजनाओं के आंगणन को बार-बार संशोधित किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। आजमगढ़ में वर्ष 2014 से निर्माणाधीन एडीआर सेंटर (लोक अदालत) सहित कई अन्य परियोजनाएं बीते साल ही पूरी हो जानी थी। संशोधित स्टीमेट के कारण कार्य अपूर्ण और बंद होने पर मंडलीय टास्क फोर्स से जांच कराने के निर्देश दिए। जांच आख्या उप निदेशक अर्थ एवं संख्या को एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने को कहा गया। उप निदेशक अर्थ एवं संख्या अमजद अली अंसारी ने बताया कि पूर्व बैठक में सीएचसी मझवारा मऊ की खराब प्रगति के संबंध में स्पष्टीकरण एक्सईएन आवास विकास परिषद गाजीपुर से मांगे गए थे। कमिश्नर ने आवास विकास परिषद के प्रतिनिधि को दो दिन के अंदर संबंधित का स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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सोमवार को मंडलायुक्त ने समीक्षा बैठक में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और एनएचएआई के कार्यों की सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर असंतोष जताया। आवास विकास परिषद बलिया द्वारा थाना गड़वार में निर्माणाधीन प्रशासनिक भवन और हुसैनाबाद में क्षेत्रीय पंचायतीराज प्रशिक्षण संस्थान के तहत जमुड़ी में सीएंडडीएस द्वारा बनाए जा रहे राजकीय इंटर कालेज की भौतिक प्रगति और गुणवत्ता की जांच के लिए प्राविधिक परीक्षक ग्राम्य विकास (टीएसी) और एक्सईएम लोनिवि की टीम बनाकर एक सप्ताह में जांच आख्या मांगी है। आजमगढ़ में वर्ष 1999 से सीएंडडीएस के स्तर पर डॉ. आंबेडकर पुस्तकालय के अधूरे पड़े निर्माण के लिए दोषी तत्कालीन एई, जेई आदि का उत्तरदायित्व निर्धारित कर आख्या मांगी गई।
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पैक्सफेड के स्तर पर कई परियोजनाओं के आंगणन को बार-बार संशोधित किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। आजमगढ़ में वर्ष 2014 से निर्माणाधीन एडीआर सेंटर (लोक अदालत) सहित कई अन्य परियोजनाएं बीते साल ही पूरी हो जानी थी। संशोधित स्टीमेट के कारण कार्य अपूर्ण और बंद होने पर मंडलीय टास्क फोर्स से जांच कराने के निर्देश दिए। जांच आख्या उप निदेशक अर्थ एवं संख्या को एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने को कहा गया। उप निदेशक अर्थ एवं संख्या अमजद अली अंसारी ने बताया कि पूर्व बैठक में सीएचसी मझवारा मऊ की खराब प्रगति के संबंध में स्पष्टीकरण एक्सईएन आवास विकास परिषद गाजीपुर से मांगे गए थे। कमिश्नर ने आवास विकास परिषद के प्रतिनिधि को दो दिन के अंदर संबंधित का स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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