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Azamgarh News: 4 करोड़ से असगरा मुस्तफाबाद में बनेगा मॉडल कंपोजिट विद्यालय
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मिर्जापुर विकास खंड के ग्राम असगरा मुस्तफाबाद में चार करोड़ से मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय बनेगा।
यह स्कूल शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा, जहां करीब 1500 छात्र-छात्राओं को प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की मुफ्त और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय निर्माण के लिए 10 एकड़ भूमि चिह्नित कर ली गई है। 4 करोड़ की लागत से यह विद्यालय उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से बनाया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय निर्माण के लिए विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन को प्रेषित किया जा रहा है।
डीएम ने बताया कि यह विद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप होगा, जिसमें विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी आधारित व्यावहारिक शिक्षा भी दी जाएगी।
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डिजिटल शिक्षा के माध्यम से बच्चों को कौशल विकास, नवाचार और शोधपरक सीखने की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस मॉडल विद्यालय की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं समान अवसरों वाली शिक्षा सुलभ हो सकेगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा और नई पीढ़ी को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सकेगा।
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यह स्कूल शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा, जहां करीब 1500 छात्र-छात्राओं को प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की मुफ्त और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय निर्माण के लिए 10 एकड़ भूमि चिह्नित कर ली गई है। 4 करोड़ की लागत से यह विद्यालय उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से बनाया जाएगा।
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बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय निर्माण के लिए विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन को प्रेषित किया जा रहा है।
डीएम ने बताया कि यह विद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप होगा, जिसमें विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी आधारित व्यावहारिक शिक्षा भी दी जाएगी।
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डिजिटल शिक्षा के माध्यम से बच्चों को कौशल विकास, नवाचार और शोधपरक सीखने की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस मॉडल विद्यालय की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं समान अवसरों वाली शिक्षा सुलभ हो सकेगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा और नई पीढ़ी को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सकेगा।