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रोपा तो खूब फोटो खिचवाई, अब बेगाने हो गए पौधे
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आजमगढ़। पौधारोपण अभियान में बढ़-चढ़ कर पौधा लगाते फोटो खिचवाने वाले अधिकारियों, संस्था पदाधिकारियों, शिक्षकों और ग्राम प्रधान समेत तमाम जिम्मेदार उनकी सुरक्षा का पहला सबक ही भूल गए। पौधों की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया, लिहाजा दूसरे दिन ही इनमें तमाम पौधे सूखने लगे हैं। ऐसी जगहों पर पौधरोपण किया गया है, जहां पौधों का सबसे ज्यादा जानवरों के चरने का डर है।
बेपरवाही का आलम देखिए कि जिले में 51 लाख 95 हजार 179 पौधे लगाकर अधिकारी लक्ष्य से आगे निकल गए लेकिन, किसी ने इन पौधों की सुधि नहीं ली है। अब सवाल उठाया जा रहा है कि पौधरोपण की कार्ययोजना बनाते समय इस बेहद जरूरी बिंदु पर गहराई से ध्यान नहीं दिया गया। ग्राम पंचायतों को पौधों की सुरक्षा के लिए बस आदेश निर्देश तो दे दिए गए लेकिन उसके लिए कोई बजट का प्राविधान नहीं किया गया है। यही हाल वन विभाग का भी है। विभाग द्वारा पौधों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। हैरानी की बात ये है कि पौधरोपण कराया जा चुका है लेकिन, तमाम ग्राम पंचायतों में सुरक्षा के लिए बांस के फट्टों की व्यवस्था तक नहीं हो पाई है। ऐसे में 51 लाख 95 हजार 179 पौधों की सुरक्षा कैसे होगी यह एक बड़ा प्रश्न बना है।
हर वर्ष वन विभाग समेत अन्य विभाग मिलकर पौधारोपण करते हैं। पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगाया जाता है। हालांकि बारिश व छुट्टा पशुओं की वजह से काफी पौधे नष्ट हो जाते हैं। पर्याप्त इंतजाम न मिलने से सभी पौधों की सुरक्षा नहीं हो पाती है।
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गंगा दत्त मिश्रा, डीएफओ, आजमगढ़।
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बेपरवाही का आलम देखिए कि जिले में 51 लाख 95 हजार 179 पौधे लगाकर अधिकारी लक्ष्य से आगे निकल गए लेकिन, किसी ने इन पौधों की सुधि नहीं ली है। अब सवाल उठाया जा रहा है कि पौधरोपण की कार्ययोजना बनाते समय इस बेहद जरूरी बिंदु पर गहराई से ध्यान नहीं दिया गया। ग्राम पंचायतों को पौधों की सुरक्षा के लिए बस आदेश निर्देश तो दे दिए गए लेकिन उसके लिए कोई बजट का प्राविधान नहीं किया गया है। यही हाल वन विभाग का भी है। विभाग द्वारा पौधों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। हैरानी की बात ये है कि पौधरोपण कराया जा चुका है लेकिन, तमाम ग्राम पंचायतों में सुरक्षा के लिए बांस के फट्टों की व्यवस्था तक नहीं हो पाई है। ऐसे में 51 लाख 95 हजार 179 पौधों की सुरक्षा कैसे होगी यह एक बड़ा प्रश्न बना है।
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हर वर्ष वन विभाग समेत अन्य विभाग मिलकर पौधारोपण करते हैं। पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगाया जाता है। हालांकि बारिश व छुट्टा पशुओं की वजह से काफी पौधे नष्ट हो जाते हैं। पर्याप्त इंतजाम न मिलने से सभी पौधों की सुरक्षा नहीं हो पाती है।
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गंगा दत्त मिश्रा, डीएफओ, आजमगढ़।