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जाम से निपटने के लिए प्रशासन ने कसी कमर
Azamgarh
Updated Fri, 10 May 2013 05:30 AM IST
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आजमगढ़। नगर क्षेत्र में आए दिन लगने वाले जाम के झाम से मुक्ति दिलाने के लिए जिला व पुलिस प्रशासन ने रणनीति बनाकर इसपर अंकुश लगाने का प्रयास शुरू कर दया है। इस क्रम में वन वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने के साथ नगर में जाम लगाने वाले आटो जैसे छोटे वाहनों पर भी लगाम कसने की कवायद शुरु कर दी गई है। इसके लिए यातायात विभाग की तरफ से सहायता के लिए एक पत्र संभागीय परिवहन विभाग को पूर्व में भेजा था। अब नगर क्षेत्र में चलने वाले आटो के रंगों के चयन के लिए भी रिपोर्ट भेजा है ताकि कार्रवाई सुनिश्चित कराने में सहुलियत मिल सके । यातायात निरीक्षक सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि नगर क्षेत्र में चलने वाले आटो अलग रंग के होंगें। इस रंग का चुनाव संभागिय परिवहन विभाग करेगा।
यातायात उपनिरीक्षक की मानें तो एआरटीओ कार्यालय से जिले के 51 केंद्रों से कुल 4500 आटो रिक्शों को चलने के लिए परमीट प्रदान किया गया है। इसमें शहर के 585 आटोरिक्शा भी शामिल हैं। सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि अधिक सवारी के चक्कर में दूर दराज का परमीट पाने वाला आटो चालक भी अपने वाहन को लेकर नगर आ जाता है। इससे नगर क्षेत्र में जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। चौकस रहने के बाद भी नगर का शायद ही कोई चौराहा या तिराहा होगा जहां जाम नहीं लगता हो। हालांकि समय-समय पर अभियान चलाकर इन आटो चालकों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाती है। लेकिन हर दिन अभियान चलाना संभव नहीं रहता। ऐसे में नगर को जाम से मुक्ति कराने के लिए विभाग की तरफ से रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत नगर क्षेत्र में वही आटो चलेगा जिनको परमीट प्राप्त है। इनके पहचान के लिए अलग रंग में रंगवाने की व्यवस्था की जा रही है। यातायात नियंत्रण के लिए तैयार की गई इस रिपोर्ट को जिलाधिकारी व एसपी के माध्यम से आरटीओ विभाग को भेजा गया है। एआरटीओ सूरज रामपाल ने बताया कि स्वीकृति के लिए आरटीओ कार्यालय में फाइल भेजी गई है। उनके स्तर से जल्द निर्णय लिया जाएगा।
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यातायात उपनिरीक्षक की मानें तो एआरटीओ कार्यालय से जिले के 51 केंद्रों से कुल 4500 आटो रिक्शों को चलने के लिए परमीट प्रदान किया गया है। इसमें शहर के 585 आटोरिक्शा भी शामिल हैं। सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि अधिक सवारी के चक्कर में दूर दराज का परमीट पाने वाला आटो चालक भी अपने वाहन को लेकर नगर आ जाता है। इससे नगर क्षेत्र में जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। चौकस रहने के बाद भी नगर का शायद ही कोई चौराहा या तिराहा होगा जहां जाम नहीं लगता हो। हालांकि समय-समय पर अभियान चलाकर इन आटो चालकों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाती है। लेकिन हर दिन अभियान चलाना संभव नहीं रहता। ऐसे में नगर को जाम से मुक्ति कराने के लिए विभाग की तरफ से रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत नगर क्षेत्र में वही आटो चलेगा जिनको परमीट प्राप्त है। इनके पहचान के लिए अलग रंग में रंगवाने की व्यवस्था की जा रही है। यातायात नियंत्रण के लिए तैयार की गई इस रिपोर्ट को जिलाधिकारी व एसपी के माध्यम से आरटीओ विभाग को भेजा गया है। एआरटीओ सूरज रामपाल ने बताया कि स्वीकृति के लिए आरटीओ कार्यालय में फाइल भेजी गई है। उनके स्तर से जल्द निर्णय लिया जाएगा।
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