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जांच को कब्र खोद निकलवाया शव
Azamgarh
Updated Sat, 19 Jan 2013 05:30 AM IST
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फरिहां। एक मामले में जांच के लिए कोर्ट के आदेश पर सरायमीर पुलिस ने करीब डेढ माह पूर्व दफनाई गई महिला की लाश को शुक्रवार की दोपहर कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी। इसी दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रही। मामला थाना क्षेत्र असाढ़ा गांव का है। दर्ज मुकदमे में मृतका की देवरानी समेत पांच को नामजद करते हुए मारपीट कर मौत के घाट उतारने का आरोप लगाया गया है।
कोर्ट के आदेश से हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने वाला सदरूद्दीन मृत महिला जहरूनिशा (55) का भाई है। उसने दर्ज मामले में पुलिस को बताया कि जहरूनिशा की शादी सरायमीर थाने के असाड़ा गांव निवासिनी बैतुल्लाह से हुई थी। बहनोई और भांजा बेलाल सऊदी रहते हैं। चार पुत्रियों में दो की शादी हो चुकी है। दो पुत्रियों को लेकर जहरून्निसा घर पर ही रहती थी। 29 नवंबर को बच्चियों के विवाद में देवरानी से मारपीट के दौरान जहरूनिशा को सिर पर चोट लगने से वह घायल हो गई। गांव के लोगों ने उसे जिला मुख्यालय स्थित प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। दो दिन बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना की जानकारी होने पर वह मुंबई से छह दिसंबर 2012 को गंभीरपुर थाने के जमालपुर गांव स्थित अपने घर आया, फिर असाढ़ा गांव स्थित अपने बहन के घर पहुंचा। लेकिन तब तक जहरूनिशा का शव दफनाया जा चुका था। इस पर उसने सरायमीर पुलिस को जहरूनिशा की देवरानी समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस पर उसे न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। सरायमीर थानाध्यक्ष जगदीश उपाध्याय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर जहरूनिशा की मौत के मामले में आरोपी उसकी देवरानी समेत चार पुत्रियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। विवेचना के दौरान शुक्रवार को मृतका का शव कब्र से खोद कर बाहर निकालने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की की जाएगी।
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कोर्ट के आदेश से हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने वाला सदरूद्दीन मृत महिला जहरूनिशा (55) का भाई है। उसने दर्ज मामले में पुलिस को बताया कि जहरूनिशा की शादी सरायमीर थाने के असाड़ा गांव निवासिनी बैतुल्लाह से हुई थी। बहनोई और भांजा बेलाल सऊदी रहते हैं। चार पुत्रियों में दो की शादी हो चुकी है। दो पुत्रियों को लेकर जहरून्निसा घर पर ही रहती थी। 29 नवंबर को बच्चियों के विवाद में देवरानी से मारपीट के दौरान जहरूनिशा को सिर पर चोट लगने से वह घायल हो गई। गांव के लोगों ने उसे जिला मुख्यालय स्थित प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। दो दिन बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना की जानकारी होने पर वह मुंबई से छह दिसंबर 2012 को गंभीरपुर थाने के जमालपुर गांव स्थित अपने घर आया, फिर असाढ़ा गांव स्थित अपने बहन के घर पहुंचा। लेकिन तब तक जहरूनिशा का शव दफनाया जा चुका था। इस पर उसने सरायमीर पुलिस को जहरूनिशा की देवरानी समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस पर उसे न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। सरायमीर थानाध्यक्ष जगदीश उपाध्याय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर जहरूनिशा की मौत के मामले में आरोपी उसकी देवरानी समेत चार पुत्रियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। विवेचना के दौरान शुक्रवार को मृतका का शव कब्र से खोद कर बाहर निकालने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की की जाएगी।
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