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पंचायत की पहल से पूजा को मिला हक
Azamgarh
Updated Fri, 07 Dec 2012 05:30 AM IST
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लालगंज। भदोही की डिंपल के साथ जो कुछ हुआ उसी की बानगी जौनपुर जिले की पूजा के जीवन में भी दिखी। गनीमत है, जहां डिंपल हक पाने को संघर्ष कर रही है, वहीं पूजा का संघर्ष रंग लाया। पंचायत की पहल से उसे इंसाफ मिल गया।
डिंपल मामले में घटना मुंबई की है, वहीं पूजा की कहानी दिल्ली से शुरू होती है। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के चेवार पूरब (मूसऊपुर) गांव निवासी संतोष पुत्र शोभल दिल्ली में रहता था। वहीं पर संतोष ने जौनपुर जिले के केराकत कोतवाली क्षेत्र के डेहरी गांव निवासी पूजा पुत्री राकेश के साथ कोर्टमैरिज कर ली। शादी करने के बाद संतोष अपने घर चला आया। जबकि पूजा दिल्ली में ही रह गई। महज एक सप्ताह पूर्व पूजा अपने घर पहुंची और वहां से देवगांव कोतवाली क्षेत्र के चेवार पूरब स्थित अपने ससुराल पहुंची। लेकिन ससुरालीजन उसके रिश्ते को मानने के लिए तैयार नहीं हुए और उसे घर से बाहर कर दिया। लेकिन पूजा ने हार नहीं मानी और बुधवार की सुबह अपने गांव से लगभग एक दर्जन महिला-पुरुष के साथ ससुराल जा धमकी। अचानक पहुंची भीड़ को देख संतोष के परिजन घबरा गए और घर से बाहर निकल गए। लेकिन पूजा अपने साथ मौजूद लोगों की भीड़ के साथ दरवाजे पर डटी रही। भीड़ न हटते देख संतोष के परिजनों ने ग्राम प्रधान समेत अन्य सम्मानित लोगों की पंचायत आयोजित की। लगभग छह घंटे तक चली पंचायत के बाद पंचों ने अपना निर्णय सुनाया और पूजा को न्याय मिला। इस अवसर पर ग्राम प्रधान महेंद्र राम के अलावा अलगू प्रधान, दयाशंकर आदि लोग मौजूद रहे। बताया जाता है पूजा ने भदोही की डिंपल से प्रेरण पाकर हक पाने के लिए यह कदम उठाया।
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डिंपल मामले में घटना मुंबई की है, वहीं पूजा की कहानी दिल्ली से शुरू होती है। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के चेवार पूरब (मूसऊपुर) गांव निवासी संतोष पुत्र शोभल दिल्ली में रहता था। वहीं पर संतोष ने जौनपुर जिले के केराकत कोतवाली क्षेत्र के डेहरी गांव निवासी पूजा पुत्री राकेश के साथ कोर्टमैरिज कर ली। शादी करने के बाद संतोष अपने घर चला आया। जबकि पूजा दिल्ली में ही रह गई। महज एक सप्ताह पूर्व पूजा अपने घर पहुंची और वहां से देवगांव कोतवाली क्षेत्र के चेवार पूरब स्थित अपने ससुराल पहुंची। लेकिन ससुरालीजन उसके रिश्ते को मानने के लिए तैयार नहीं हुए और उसे घर से बाहर कर दिया। लेकिन पूजा ने हार नहीं मानी और बुधवार की सुबह अपने गांव से लगभग एक दर्जन महिला-पुरुष के साथ ससुराल जा धमकी। अचानक पहुंची भीड़ को देख संतोष के परिजन घबरा गए और घर से बाहर निकल गए। लेकिन पूजा अपने साथ मौजूद लोगों की भीड़ के साथ दरवाजे पर डटी रही। भीड़ न हटते देख संतोष के परिजनों ने ग्राम प्रधान समेत अन्य सम्मानित लोगों की पंचायत आयोजित की। लगभग छह घंटे तक चली पंचायत के बाद पंचों ने अपना निर्णय सुनाया और पूजा को न्याय मिला। इस अवसर पर ग्राम प्रधान महेंद्र राम के अलावा अलगू प्रधान, दयाशंकर आदि लोग मौजूद रहे। बताया जाता है पूजा ने भदोही की डिंपल से प्रेरण पाकर हक पाने के लिए यह कदम उठाया।
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