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इस्लाम में नफरत के लिए जगह नहीं
Azamgarh
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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d अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। बिलरियागंज स्थित जामिअतुल फलाह के गोल्डेन जुबली समारोह में दूसरे दिन शनिवार की रात आयोजित ‘विश्व शांति और इस्लाम’ विषयक गोष्ठी की अध्यक्षता इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन मुंबई के अध्यक्ष और पीस टीवी न्यूज चैनल के डायरेक्टर जाकिर नाइक ने किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस्लाम में नफरत के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि मीडिया इस्लाम को गलत तरीके से समाज के सामने परोस रही है, जिसका परिणाम है कि अन्य लोगों में इसको लेकर भ्रांतियां हैं। श्री नाइक ने गुजारिश कि, इस्लाम के बारे में हर कोई जानकारी रख सकता है। सिर्फ मुसलमान तक सीमित रहना इस्लाम का मकसद नहीं।
जाकिर नाइक ने कहा कि हिंदी अनुवाद में कुरआन शरीफ तथा इस्लाम से संबंधित अन्य किताबें बाजारों में उपलब्ध है, जिसमें इस्लाम को विस्तार किया गया है। जिस दिन अन्य मजहब के लोग इस्लाम को सही से जान लेंगे उसी दिन से उनके दिलोदिमाग से इस्लाम के प्रति व्याप्त भ्रांतियां दूर हो जाएंगी। एक अच्छे मुसलमान से कोई नफरत कर ही नहीं सकता। उन्होंने कौम के लोगों से इस्लाम के बारे में अन्य लोगों को बताने पर जोर दिया। श्री नाइक ने कहा कि दहशतगर्द का मतलब आतंक से नहीं है। यह हर जगह अलग-अलग तरीके से लागू होता है। जैसे चोर को पुलिस सही रास्ते पर लाने के लिए केवल दहशत पैदा करती है, उसी तरह से कोई भी धर्म या इस्लाम मनुष्य को सही रास्ते पर चलने के लिए उसके दिल में भगवान के प्रति भय या डर पैदा करता है। गोष्ठी के दौरान वसीउल्लाह सईदी फलाही लखनऊ, डा. सज्जाद अहमद रांची, इकबाल अहमद मुल्ला दिल्ली, सैय्यद हाजी मोहसिन बंग्लौर, परवाज रहमानी दिल्ली, आमिर रशादी, कैबिनेट मंत्री दुर्गा यादव व बेसिक शिक्षा मंत्री वसीम अहमद उपस्थित रहे।
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आजमगढ़। बिलरियागंज स्थित जामिअतुल फलाह के गोल्डेन जुबली समारोह में दूसरे दिन शनिवार की रात आयोजित ‘विश्व शांति और इस्लाम’ विषयक गोष्ठी की अध्यक्षता इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन मुंबई के अध्यक्ष और पीस टीवी न्यूज चैनल के डायरेक्टर जाकिर नाइक ने किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस्लाम में नफरत के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि मीडिया इस्लाम को गलत तरीके से समाज के सामने परोस रही है, जिसका परिणाम है कि अन्य लोगों में इसको लेकर भ्रांतियां हैं। श्री नाइक ने गुजारिश कि, इस्लाम के बारे में हर कोई जानकारी रख सकता है। सिर्फ मुसलमान तक सीमित रहना इस्लाम का मकसद नहीं।
जाकिर नाइक ने कहा कि हिंदी अनुवाद में कुरआन शरीफ तथा इस्लाम से संबंधित अन्य किताबें बाजारों में उपलब्ध है, जिसमें इस्लाम को विस्तार किया गया है। जिस दिन अन्य मजहब के लोग इस्लाम को सही से जान लेंगे उसी दिन से उनके दिलोदिमाग से इस्लाम के प्रति व्याप्त भ्रांतियां दूर हो जाएंगी। एक अच्छे मुसलमान से कोई नफरत कर ही नहीं सकता। उन्होंने कौम के लोगों से इस्लाम के बारे में अन्य लोगों को बताने पर जोर दिया। श्री नाइक ने कहा कि दहशतगर्द का मतलब आतंक से नहीं है। यह हर जगह अलग-अलग तरीके से लागू होता है। जैसे चोर को पुलिस सही रास्ते पर लाने के लिए केवल दहशत पैदा करती है, उसी तरह से कोई भी धर्म या इस्लाम मनुष्य को सही रास्ते पर चलने के लिए उसके दिल में भगवान के प्रति भय या डर पैदा करता है। गोष्ठी के दौरान वसीउल्लाह सईदी फलाही लखनऊ, डा. सज्जाद अहमद रांची, इकबाल अहमद मुल्ला दिल्ली, सैय्यद हाजी मोहसिन बंग्लौर, परवाज रहमानी दिल्ली, आमिर रशादी, कैबिनेट मंत्री दुर्गा यादव व बेसिक शिक्षा मंत्री वसीम अहमद उपस्थित रहे।
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