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पंखा न होने पर एडी हेल्थ ने डाक्टर को फटकारा
Azamgarh
Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
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जहानागंज। अपर स्वास्थ्य निदेशक डा. आरपी सिंह द्वारा शनिवार की सुबह सीएचसी कोल्हूखोर का निरीक्षण के दौरान केंद्र पर कई खामियों मिलीं। निरीक्षण में एक्सरे रूम पंखा नहीं लगा मिला। वहीं, बगैर मोहर के दवाइयां और आपरेशन कक्ष के दरवाजे खुले पाए जाने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी को जमकर फटकार लगाई। साथ ही कुपोषण बच्चों की सूची उपलब्ध न होने पर प्रत्येक केंद्र को सूची तैयार करने का निर्देश दिया।
शनिवार की सुबह एडी हेल्थ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोल्हूखोर पहुंचे। डाक्टर कक्ष का निरीक्षण करते समय एक डाक्टर और एक्सरे रूम में पंखा नहीं लगा था। वहीं, दवा के स्टोर रूम का निरीक्षण करने पर पता चला कि जो दवाइयां मौजूद हैं उनमें से किसी पर भी मोहर नहीं लगी थी। न ही रजिस्टर पर चढ़ाया गया था। निरीक्षण के दौरान पैथालाजी रूम भी बंद मिला। इस दौरान पता चला कि अस्पताल की बाउंड्रीवाल टूटी हुई है। इसके चलते अवांक्षित तत्व प्रांगण में घूमते रहते हैं। खामियां मिलने पर सीएचसी कोल्हूखोर प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. बीपी सिंह को जमकर फटकार लगाते हुए दोबारा ऐसी गलती न होने की चेतावनी दी। करीब एक घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में हड़कंप मचा रहा। इसके बाद एडी हेल्थ जहानागंज ब्लाक के मुस्तफाबाद गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण को पहुंचे। जहां मौजूद कार्यकत्री ऊषा श्रीवास्तव से कुपोषित बच्चों की सूची मांगी। इस प्रकार के किसी भी सूची को दिखाने में असमर्थ कार्यकत्री के कार्यों से असंतुष्ट होकर जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि यह सूची प्रत्येक केंद्र पर होना चाहिए। वहीं, धरवारा गांव स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय पर जाने पर पता चला कि पिछले छह माह से यहां कोई डाक्टर ही नहीं आ रहा। आयुर्वेदिक अस्पताल पर ताला बंद रहने की वजह से एडीहेल्थ वापस चले गए।
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शनिवार की सुबह एडी हेल्थ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोल्हूखोर पहुंचे। डाक्टर कक्ष का निरीक्षण करते समय एक डाक्टर और एक्सरे रूम में पंखा नहीं लगा था। वहीं, दवा के स्टोर रूम का निरीक्षण करने पर पता चला कि जो दवाइयां मौजूद हैं उनमें से किसी पर भी मोहर नहीं लगी थी। न ही रजिस्टर पर चढ़ाया गया था। निरीक्षण के दौरान पैथालाजी रूम भी बंद मिला। इस दौरान पता चला कि अस्पताल की बाउंड्रीवाल टूटी हुई है। इसके चलते अवांक्षित तत्व प्रांगण में घूमते रहते हैं। खामियां मिलने पर सीएचसी कोल्हूखोर प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. बीपी सिंह को जमकर फटकार लगाते हुए दोबारा ऐसी गलती न होने की चेतावनी दी। करीब एक घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में हड़कंप मचा रहा। इसके बाद एडी हेल्थ जहानागंज ब्लाक के मुस्तफाबाद गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण को पहुंचे। जहां मौजूद कार्यकत्री ऊषा श्रीवास्तव से कुपोषित बच्चों की सूची मांगी। इस प्रकार के किसी भी सूची को दिखाने में असमर्थ कार्यकत्री के कार्यों से असंतुष्ट होकर जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि यह सूची प्रत्येक केंद्र पर होना चाहिए। वहीं, धरवारा गांव स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय पर जाने पर पता चला कि पिछले छह माह से यहां कोई डाक्टर ही नहीं आ रहा। आयुर्वेदिक अस्पताल पर ताला बंद रहने की वजह से एडीहेल्थ वापस चले गए।
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