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फसलों की सिंचाई के लिए लगेंगे 98 सोलर पंप
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जिले के किसानों को सिंचाई के लिए अब बिजली पर निर्भर नहीं रहना होगा। सरकार इस वित्तीय वर्ष में जनपद में पीएम कुसुम योजना के तहत 98 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा है। सोलर पंप लगाने के लिए आगामी दो जुलाई से विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण भी शुरू हो जाएगा। जिनका पंजीकरण पहले होगा उनकेे पहले वरीयता मिलेगी। सोलर पंप के लगने से किसान बिजली बिल देने से छुटकारा पा जाएंगे।
जिले में फसलों की सिंचाई के लिए नहर, नलकूप व ट्यूबबेल साधन है लेकिन हाल यह है कि कभी नहर में समय से पानी नहीं आता तो कभी बिजली ही नहीं रहती। जिसके कारण किसानों की फसलों की सिंचाई प्रभावित होने लगती है। देर से सिंचाई होने से किसानों को अच्छी पैदावार नहीं मिल पाती हैं। इन सब समस्याओं से राहत देते हुए सरकार ने सिंचाई के लिए खेतों में सोलर पंप लगाना शुरू कर दिया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में पीएम कुसुम योजना के तहत जिले में 98 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य मिला है। इसमें छोटे- बड़े अलग- अलग क्षमता के सोलर पंप है। किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए जिस क्षमता के सोलर पंप लगवाना चाहते हैं। वह आगामी दो जुलाई से विभाग की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पहले आओ पहले सोलर पंप पाओ सिद्घांत के आधार पर विभाग द्वारा किसानों को सोलर पंप दिया जाएगा। 98 सोलर पंप के लिए 196 किसान ही पंजीकरण करा सकेंगे। इस योजना के तहत जिन किसानों के यहां सोलर पंप लगेगा उनको सरकार की तरफ से 60 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। बाकी 40 प्रतिशत किसानों को वहन करना पड़ेगा। खेतों में सोलर पंप लगने से किसानों को फसलों की सिंचाई करने में जहां सहूलियत मिलेगी। वहीं किसानों की बिजली की निर्भरता खत्म हो जाएगी।
पीएम कुसुम योजना के तहत जिले में इस वित्तीय वर्ष में 98 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य मिला है। इसमें सरकार की तरफ से 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। शेष किसानों को वहन करना होगा। आगामी दो जुलाई से सोलर पंप के लिए किसानों का पंजीकरण शुरू हो जाएगा।
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मुकेश कुमार, उप कृषि निदेशक
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जिले में फसलों की सिंचाई के लिए नहर, नलकूप व ट्यूबबेल साधन है लेकिन हाल यह है कि कभी नहर में समय से पानी नहीं आता तो कभी बिजली ही नहीं रहती। जिसके कारण किसानों की फसलों की सिंचाई प्रभावित होने लगती है। देर से सिंचाई होने से किसानों को अच्छी पैदावार नहीं मिल पाती हैं। इन सब समस्याओं से राहत देते हुए सरकार ने सिंचाई के लिए खेतों में सोलर पंप लगाना शुरू कर दिया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में पीएम कुसुम योजना के तहत जिले में 98 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य मिला है। इसमें छोटे- बड़े अलग- अलग क्षमता के सोलर पंप है। किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए जिस क्षमता के सोलर पंप लगवाना चाहते हैं। वह आगामी दो जुलाई से विभाग की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पहले आओ पहले सोलर पंप पाओ सिद्घांत के आधार पर विभाग द्वारा किसानों को सोलर पंप दिया जाएगा। 98 सोलर पंप के लिए 196 किसान ही पंजीकरण करा सकेंगे। इस योजना के तहत जिन किसानों के यहां सोलर पंप लगेगा उनको सरकार की तरफ से 60 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। बाकी 40 प्रतिशत किसानों को वहन करना पड़ेगा। खेतों में सोलर पंप लगने से किसानों को फसलों की सिंचाई करने में जहां सहूलियत मिलेगी। वहीं किसानों की बिजली की निर्भरता खत्म हो जाएगी।
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पीएम कुसुम योजना के तहत जिले में इस वित्तीय वर्ष में 98 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य मिला है। इसमें सरकार की तरफ से 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। शेष किसानों को वहन करना होगा। आगामी दो जुलाई से सोलर पंप के लिए किसानों का पंजीकरण शुरू हो जाएगा।
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मुकेश कुमार, उप कृषि निदेशक