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Azamgarh News: उम्मीद पोर्टल’ पर दर्ज 972 वक्फ संपत्तियां कर दी गईं खारिज

Tue, 05 May 2026 02:34 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 05 May 2026 02:34 AM IST
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972 Waqf properties registered on the 'Umeed Portal' have been rejected.
आजमगढ़। शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा ‘उम्मीद पोर्टल’ पर दर्ज 972 वक्फ संपत्तियों को तकनीकी खामियों के चलते खारिज कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिजेक्शन का मतलब यह नहीं है कि ये संपत्तियां वक्फ की नहीं रहीं, बल्कि आवश्यक सुधार कर इन्हें दोबारा 6 जून तक स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जा सकता है।
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केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 लागू करने के बाद सभी वक्फ संपत्तियों का ‘उम्मीद पोर्टल’ पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया था। तय समयसीमा समाप्त होने के बाद वक्फ ट्रिब्यूनल को समय बढ़ाने का अधिकार मिला। इसके तहत उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अवधि बढ़ाकर 6 जून कर दी है। इसी के चलते अभी भी पंजीकरण और संशोधन की प्रक्रिया जारी है।
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शासन के निर्देश पर जिले में सुन्नी वक्फ बोर्ड की कुल 2841 संपत्तियां और शिया वक्फ बोर्ड की कुल 368 संपित्तयों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज किया गया था। सुन्नी वक्फ और शिया वक्फ द्वारा उम्मीद पोर्टल पर दर्ज संपत्तियों की 15 अप्रैल तक जांच की गई। जांच में जिले की 972 संपत्तियां निरस्त कर दी गई हैं। इसमें सुन्नी वक्फ बोर्ड की 822 और शिया वक्फ बोर्ड की 150 संपत्तियां शामिल हैं। जिन संपत्तियों को निरस्त किया गया है। उन्हें दोबारा 6 जून तक संशोधित करते फिर से अपलोड करने का मौका दिया गया है।
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खसरा-खतौनी, संपत्ति की चौहद्दी में मिला अंतर
वक्फ बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि पोर्टल पर पंजीकरण के दौरान कई बुनियादी त्रुटियां सामने आ रही हैं। इनमें वक्फ नंबर, खसरा-खतौनी, संपत्ति की चौहद्दी और दस्तावेजों में असंगति प्रमुख कारण हैं। कई मामलों में एक ही वक्फ नंबर पर कई संपत्तियां दर्ज कर दी गईं या खसरा नंबर गलत भरा गया, जिससे आवेदन खारिज करना पड़ा। किसी संपत्ति का आवेदन रिजेक्ट होने का अर्थ उसकी वक्फ स्थिति खत्म होना नहीं है। यह केवल तकनीकी या दस्तावेजी कमी का संकेत है, जिसे दुरुस्त कर फिर से आवेदन किया जा सकता है।
दोबारा ऐसे करें आवेदन
जिन संपत्तियों का पंजीकरण रिजेक्ट हुआ है, उनके मुतवल्ली, अध्यक्ष या सचिव अपने लॉगिन आईडी के जरिए पोर्टल पर जाकर स्टेटस देख सकते हैं। पोर्टल पर सुधार का विकल्प उपलब्ध है, जहां आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर पुनः सबमिट किया जा सकता है। इसके बाद वक्फ अधिकारी दोबारा जांच कर स्वीकृति दे सकते हैं।

केंद्र सरकार द्वारा वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 लागू करने के बाद सभी वक्फ संपत्तियों का ‘उम्मीद पोर्टल’ पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया था। इसके तहत लोगों ने उम्मीद पोर्टल पर अपने डाटा को अपलोड किया। जब इनकी जांच की गई तो वक्फ नंबर, खसरा-खतौनी, संपत्ति की चौहद्दी और दस्तावेजों में असंगति के कारण आवेदन निरस्त हो गए। अब अगर यह छह जून के पहले फिर से कमियों को दुरुस्त कर आवेदन करते हैं तो जांच के बाद स्वीकृति प्रदान की जाएगी। -एजाज अहमद, अधिशासी अधिकारी सुन्नी वक्फ बोर्ड।
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