फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   सीएचसी-पीएचसी अधीक्षकों ने सीएमओ पर लगाया धनउगाही का आरोप

सीएचसी-पीएचसी अधीक्षकों ने सीएमओ पर लगाया धनउगाही का आरोप

Sun, 03 Feb 2019 01:23 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Feb 2019 01:23 AM IST
विज्ञापन
सीएचसी-पीएचसी अधीक्षकों ने सीएमओ पर लगाया धनउगाही का आरोप
आजमगढ़। सीएमओ पर प्रताड़ित करने के आरोप के बाद अब धनउगाही करने का भी आरोप लगा है। सीएचसी-पीएचसी के अधीक्षक पद से इस्तीफा देने वाले डॉक्टरों ने शनिवार को रोडवेज क्षेत्र स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में सीएमओ पर कई आरोप लगाए और काम कर पाने में असमर्थता जतायी।
विज्ञापन

प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार सिंह यादव ने कहा कि सीएमओ ने स्वास्थ्य विभाग की सभी व्यवस्थाओं को बिगाड़ कर रख दिया है। विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों में असंवैधानिक ढंग से कमीशन की मांग की जाती है। ब्लाकस्तरीय प्रशिक्षण जिला मुख्यालय पर कराते है और उसका भुगतान प्रभारी चिकित्साधिकारियों को करने के लिए बाध्य किया जाता है। चिकित्सकों के एसएसीपी, डीपीसी, एरियर, प्रशिक्षण के लिए एनओसी, रिलिविंग आदि में धनउगाही की जाती है। इतना ही नहीं आरबीएसके की गाड़ियों के संचालन में अनियमितता की जाती है। गाड़ियां कम चलने या अनुपस्थित रहने पर भी पूरा पेमेंट करने का दबाव बनाया जाता है। इतना ही नहीं ब्लाक स्तर पर तैनात बीपीएम/बीसीपीएम व बीएएम द्वारा खुद का काम नहीं किया जाता और इसका जिम्मेदार सीएमओ अधीक्षकों को बनाते है। सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि सीएमओ चिकित्साधिकारियों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि नहीं लिख रहे है, जिससे उनका प्रमोशन बाधित हो रहा है। इतना ही नहीं शुक्रवार केा जिलाधिकारी से वार्ता करने पर सीएमओ ने कई चिकित्साधिकारियों को विभिन्न माध्यमों से धमकाया भी है। ऐसे स्थिति में इनके साथ काम करने को अधीक्षक तैयार नहीं है। वे जहां तैनात है वहीं सामान्य चिकित्सक के रूप में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे है। इस अवसर पर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के डॉ. राजनाथ, डॉ. सुबास सिंह, डॉ. धनंजय समेत इस्तीफा देने वाले सीएचसी-पीएचसी प्रभारी मौजूद रहे।
विज्ञापन


मुझपर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद है। किसी भी प्रकार की धनउगाही नहीं की जा रही है। यदि मेरे कार्यालय का कोई कर्मचारी ऐसा कर रहा है तो उसकी जानकारी डॉक्टरों को हमें देनी चाहिए। डीएम के निर्देश पर मैने सभी अधीक्षकों को मैसेज कर वार्ता के लिए बुलाया था, जिसमें आधा दर्जन के लगभग अधीक्षक आए भी थे। समस्या के समाधान का मेरे स्तर से हर संभव प्रयास हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. रविंद्र कुमार, सीएमओ, आजमगढ़।


डाक्टर दोफाड़ ! प्रेसवार्ता में दिखे आधे से भी कम
आधा दर्जन की संख्या में डॉक्टरों ने की सीएमओ के साथ बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। सीएमओ के खिलाफ मोर्चा खोल कर सीएचसी-पीएचसी के अधीक्षक पद से इस्तीफा देने वाले डॉक्टर दो फाड़ नजर आ रहे हैं। शनिवार को प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के प्रेसवार्ता में इस्तीफा देने वाले 20 डॉक्टरों में आधे से भी कम डॉक्टर मौजूद रहे।
सीएमओ पर लग रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है यह तो जांच का विषय है, लेकिन धीरे-धीरे बढ़ता यह विवाद स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। शनिवार को एक तरफ प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के बैनर तले जहां प्रेसवार्ता आयोजित था तो ठीक उसी समय सीएमओ ने भी डीएम के निर्देश पर व्हाट्सएप ग्रुप में इस्तीफा देने वाले चिकित्सकों को मैसेज कर वार्ता के लिए बुलाया था। प्रेसवार्ता में जहां आधे से कम इस्तीफा देने वाले चिकित्सक थे तो वहीं सीएमओ के मैसेज पर लगभग आधा दर्जन इस्तीफा देने वाले चिकित्सक वार्ता के लिए पहुंचे थे।



अधीक्षकों के समर्थन में उतरा फार्मासिस्ट संघ
प्रांतीय चिकित्सक सेवा संघ के बैनर तले सीएमओ के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सीएचसी-पीएचसी अधीक्षकों के समर्थन में फार्मासिस्ट संघ भी उतर गया है। संगठन के मंत्री सूबेदार यादव ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि अधीक्षकों द्वारा उच्चाधिकारियों के उत्पीडन व भ्रष्टाचार से तंग आकर पदों से इस्तीफा देना चिंता का विषय है। फार्मासिस्ट संघ इस्तीफा देने वाले चिकित्सकों के साथ है।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed