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अब धर्मगुरु भी लोगों को पढ़ाएंगे स्वच्छता का पाठ
Updated Tue, 11 Dec 2018 12:28 AM IST
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आजमगढ़। यूनिसेफ और जिला प्रशासन की ओर से अब स्वच्छ भारत मिशन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए 14 दिसंबर को नेहरू हाल में स्वच्छता को लेकर परिचर्चा का आयोजन किया गया है।
जिला प्रशासन ने किसी तरह से 30 नवंबर को जनपद को ओडीएफ तो करा लिया। लेकिन अब सबसे बड़ी समस्या यह है कि शौचालय बनने के बाद भी लोग इसमें जाना गवारा नहीं समझते। एक तरफ स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को खुले में शौच करने से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करने में जुटी हुई है। वहीं यूनिसेफ की ओर से जिला प्रशासन के सहयोग से धार्मिक मान्यताओं को व्याप्त भ्रमों को दूर करने के लिए सभी धर्म गुरुओं की परिचर्चा कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए 14 दिसंबर को नेहरू हॉल में जिले भर से धर्म गुरु जुटेंगे। इसके लिए जिले स्तर से चार से लेकर छह धर्मगुरु और हर ब्लाक से दो-दो धर्मगुरुओं को बुलाया गया है,जो परिचर्चा में भाग लेने के बाद मस्जिदों में नमाज या मंदिरों में प्रवचन या पूजन से पूर्व लोगों को स्वच्छता के बारे में बताएंगे। यूनिसेफ के जिला समंवयक भाष्कर परासर ने बताया कि हमारा प्रयास है कि शौचालय को धर्म से जोड़कर जो लोग भ्रांतियां फैला रहे हैं उसे दूर किया जाए। दूसरे इन धर्मगुरुओं की पकड़ आम जनमानस तक होती है। लोग उनकी बातों पर विश्वास करते हैं हमारा प्रयास है कि वह भी पूजन अर्चन से पूूर्व लोगों को स्वच्छता के बारे में बताएं ताकि लोग इसके प्रति जागरूक हो सकें।
जिला प्रशासन ने किसी तरह से 30 नवंबर को जनपद को ओडीएफ तो करा लिया। लेकिन अब सबसे बड़ी समस्या यह है कि शौचालय बनने के बाद भी लोग इसमें जाना गवारा नहीं समझते। एक तरफ स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को खुले में शौच करने से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करने में जुटी हुई है। वहीं यूनिसेफ की ओर से जिला प्रशासन के सहयोग से धार्मिक मान्यताओं को व्याप्त भ्रमों को दूर करने के लिए सभी धर्म गुरुओं की परिचर्चा कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए 14 दिसंबर को नेहरू हॉल में जिले भर से धर्म गुरु जुटेंगे। इसके लिए जिले स्तर से चार से लेकर छह धर्मगुरु और हर ब्लाक से दो-दो धर्मगुरुओं को बुलाया गया है,जो परिचर्चा में भाग लेने के बाद मस्जिदों में नमाज या मंदिरों में प्रवचन या पूजन से पूर्व लोगों को स्वच्छता के बारे में बताएंगे। यूनिसेफ के जिला समंवयक भाष्कर परासर ने बताया कि हमारा प्रयास है कि शौचालय को धर्म से जोड़कर जो लोग भ्रांतियां फैला रहे हैं उसे दूर किया जाए। दूसरे इन धर्मगुरुओं की पकड़ आम जनमानस तक होती है। लोग उनकी बातों पर विश्वास करते हैं हमारा प्रयास है कि वह भी पूजन अर्चन से पूूर्व लोगों को स्वच्छता के बारे में बताएं ताकि लोग इसके प्रति जागरूक हो सकें।
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