{"_id":"5a316e5e4f1c1bca678c1537","slug":"91513188958-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच रिपोर्ट सही तो शिक्षकों को क्यों नहीं भेजी एसआईटी की सूची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच रिपोर्ट सही तो शिक्षकों को क्यों नहीं भेजी एसआईटी की सूची
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। आगरा विवि से वर्ष 2004-05 में जारी फर्जी डिग्री मामले में एडी बेसिक की जांच रिपोर्ट पर जनपद के 12 शिक्षकों को नोटिस जारी होने से हड़कंप मचा हुआ है। शिक्षकों का कहना है कि हाथरस और मैनपुर में इसी मामले में बीएसए की ओर से शिक्षकों को नोटिस के साथ फर्जी और टैंपर्ड सूची की कॉपी भी भेजी गई है। यदि हमारा नाम इस सूची में हैं तो हमें वो कॉपी क्यों नहीं भेजी जा रही है। वहीं प्रशासनिक सहायता न मिलते देख शिक्षकों ने कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है।
हाईकोर्ट के आदेश पर गठित एसआईटी ने जांच के बाद आगरा विवि से 2004-05 में जारी बीएड की डिग्रियों में 3517 को फर्जी और 1053 को टैंपर्ड घोषित किया गया था। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से इसकी सूची सभी एडी बेसिक को भेज अपने जिलों में इन डिग्री पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों पर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बुधवार को कमिश्नर से मिलने के लिए पहुंचे फंसे शिक्षकों ने बताया कि इसी मामले में हाथरस और मैनपुरी आदि जिलों में बीएसए की ओर से शिक्षकों को जो नोटिस जारी की जा रही है, साथ में फर्जी और टैंपर्ड सूची की कॉपी भी संलग्न की जा रही है। इसमें उन शिक्षकों का नाम शामिल हैं। लेकिन जनपद में बीएसए की ओर से जो नोटिस जारी की जा रही है, उसमें कोई सूची संलग्न नहीं की गई है। हमें भी वो सूची जारी की जाए, जिसमें हमारा नाम शामिल हैं। मंडल में सिर्फ वसूली के लिए सही शिक्षकों को गलत तरीके से फर्जी बताया जा रहा है। एडी बेसिक कार्यालय की ओर से लगातार कमिश्नर को भी गुमराह किया जा रहा है। इस कारण हमें वहां से भी मदद नहीं मिल रही है। हालांकि कमिश्नर के न होने का कारण वे लौट गए। उन्होंने कहा कि एडी बेसिक की जांच रिपोर्ट के खिलाफ वो कोर्ट की शरण लेंगे। शिकायत के लिए पहुंचने वाले शिक्षकों में फतेह बहादुर, समेर बहादुर आदि शामिल थे।
गौरतलब है कि एडी बेसिक योगेंद्र कुमार की ओर से 10 नवंबर को सचिव और सभी बीएसए को भेजी जांच रिपोर्ट में गलत तरीके से मंडल के 29 शिक्षकों को फर्जी डिग्रियों की 3517 की सूची में बताते हुए सभी की सेवा समाप्ति और विविध कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। बीएसए की ओर से मंगलवार को सभी को सेवा समाप्ति और एफआईआर के लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया था।
विज्ञापन
0000000000000000
जानकारी के बाद बीएसए कार्यालय से रुकी थी कार्रवाई
आजमगढ़। गलत तरीके से जांच कर रिपोर्ट में फर्जी बताए गए शिक्षकों की सेवा समाप्ति और विधिक कार्रवाई के आदेश 10 नवंबर को ही बीएसए को दे दिए गए थे। बलिया में बीएसए की ओर से संधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस पहले ही जारी हो गया था। आजमगढ़ में गलत आदेश का मामला अमर उजाला की ओर से उठाने के बाद बीएसए की ओर से भी रिपोर्ट में शामिल 12 शिक्षों के नाम का एसआईटी से मिलान किया गया। फर्जी और टैंपर्ड सूची में इन्हें भी आजमगढ़ से सभी 13 शिक्षकों के नाम नहीं मिले। बीएसए कार्यालय की ओर से एडी बेसिक कार्यालय से संपर्क किया गया था, तो कुछ दिन में संशोधित सूची जारी होने की बात कही गई थी। नहीं जारी होने पर बीएसए ने भी एडी बेसिक के आदेशानुसार मंगलवार को आजमगढ़ के शिक्षकों को नोटिस जारी कर अपना पल्ला झाड़ दिया।
0000000000
छह जिले में, शेष स्थानांतरित
आजमगढ़। बीएसए कार्यालय की ओर से जिन शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है, उसमें नम्रता यादव, रामबृक्ष यादव, फतेज बहादुर यादव, राजेश प्रसाद, दीपक कुमार गुप्ता, शिव कुमार भारती जिले में कार्यरत हैं। इसके अलावा रितेष कुमार फिरोजाबाद, अजय कुमार फिरोजाबाद, राम कुमार बुलंदशहर, महेश कुमार बुलंदशहर, जगदेव सिंह इटावा, नीलम यादव देवरिया स्थानांतरित हो चुकी हैं। इनकों नोटिस जारी करने के लिए वहां के बीएसए को लिखा गया है। एक संदिग्ध शिक्षिका मेनिका सिंह को भी नोटिस जारी की गई है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट के आदेश पर गठित एसआईटी ने जांच के बाद आगरा विवि से 2004-05 में जारी बीएड की डिग्रियों में 3517 को फर्जी और 1053 को टैंपर्ड घोषित किया गया था। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से इसकी सूची सभी एडी बेसिक को भेज अपने जिलों में इन डिग्री पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों पर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बुधवार को कमिश्नर से मिलने के लिए पहुंचे फंसे शिक्षकों ने बताया कि इसी मामले में हाथरस और मैनपुरी आदि जिलों में बीएसए की ओर से शिक्षकों को जो नोटिस जारी की जा रही है, साथ में फर्जी और टैंपर्ड सूची की कॉपी भी संलग्न की जा रही है। इसमें उन शिक्षकों का नाम शामिल हैं। लेकिन जनपद में बीएसए की ओर से जो नोटिस जारी की जा रही है, उसमें कोई सूची संलग्न नहीं की गई है। हमें भी वो सूची जारी की जाए, जिसमें हमारा नाम शामिल हैं। मंडल में सिर्फ वसूली के लिए सही शिक्षकों को गलत तरीके से फर्जी बताया जा रहा है। एडी बेसिक कार्यालय की ओर से लगातार कमिश्नर को भी गुमराह किया जा रहा है। इस कारण हमें वहां से भी मदद नहीं मिल रही है। हालांकि कमिश्नर के न होने का कारण वे लौट गए। उन्होंने कहा कि एडी बेसिक की जांच रिपोर्ट के खिलाफ वो कोर्ट की शरण लेंगे। शिकायत के लिए पहुंचने वाले शिक्षकों में फतेह बहादुर, समेर बहादुर आदि शामिल थे।
विज्ञापन
गौरतलब है कि एडी बेसिक योगेंद्र कुमार की ओर से 10 नवंबर को सचिव और सभी बीएसए को भेजी जांच रिपोर्ट में गलत तरीके से मंडल के 29 शिक्षकों को फर्जी डिग्रियों की 3517 की सूची में बताते हुए सभी की सेवा समाप्ति और विविध कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। बीएसए की ओर से मंगलवार को सभी को सेवा समाप्ति और एफआईआर के लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया था।
विज्ञापन
0000000000000000
जानकारी के बाद बीएसए कार्यालय से रुकी थी कार्रवाई
आजमगढ़। गलत तरीके से जांच कर रिपोर्ट में फर्जी बताए गए शिक्षकों की सेवा समाप्ति और विधिक कार्रवाई के आदेश 10 नवंबर को ही बीएसए को दे दिए गए थे। बलिया में बीएसए की ओर से संधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस पहले ही जारी हो गया था। आजमगढ़ में गलत आदेश का मामला अमर उजाला की ओर से उठाने के बाद बीएसए की ओर से भी रिपोर्ट में शामिल 12 शिक्षों के नाम का एसआईटी से मिलान किया गया। फर्जी और टैंपर्ड सूची में इन्हें भी आजमगढ़ से सभी 13 शिक्षकों के नाम नहीं मिले। बीएसए कार्यालय की ओर से एडी बेसिक कार्यालय से संपर्क किया गया था, तो कुछ दिन में संशोधित सूची जारी होने की बात कही गई थी। नहीं जारी होने पर बीएसए ने भी एडी बेसिक के आदेशानुसार मंगलवार को आजमगढ़ के शिक्षकों को नोटिस जारी कर अपना पल्ला झाड़ दिया।
0000000000
छह जिले में, शेष स्थानांतरित
आजमगढ़। बीएसए कार्यालय की ओर से जिन शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है, उसमें नम्रता यादव, रामबृक्ष यादव, फतेज बहादुर यादव, राजेश प्रसाद, दीपक कुमार गुप्ता, शिव कुमार भारती जिले में कार्यरत हैं। इसके अलावा रितेष कुमार फिरोजाबाद, अजय कुमार फिरोजाबाद, राम कुमार बुलंदशहर, महेश कुमार बुलंदशहर, जगदेव सिंह इटावा, नीलम यादव देवरिया स्थानांतरित हो चुकी हैं। इनकों नोटिस जारी करने के लिए वहां के बीएसए को लिखा गया है। एक संदिग्ध शिक्षिका मेनिका सिंह को भी नोटिस जारी की गई है।