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पवई ब्लाक में आवास आवंटन में धांधली की जांच करेगी शासन की टीम
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आजमगढ़। पवई ब्लाक के गांवों में प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के तहत वसूली कर अपात्रों को चयनित करने के मामले की जांच के लिए लखनऊ से दो सदस्यीय टीम आज जनपद पहुंचेगी। टीम गांव पहुंचकर मामले की जांच करेगी। कई गांवों को प्रधानों ने तत्कालीन बीडीओ और पीडी पर आरोप लगाते हुए राज्यमंत्री अनिल राजभर से शिकायत की थी। मंत्री ने मामले की जांच के आदेश ग्राम्य विकास विभाग को दिए थे।
बीते साल पवई ब्लाक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों के चयन के दौरान माहौल काफी गरम था। कई गांवों के प्रधानों ने तत्कालीन बीडीओ धीरेंद्र यादव और परियोजना निदेशक डीआरडी डीडी शुक्ल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। वसूली कर अपात्र लोगों को चयनित करने का आरोप लगाया था। वहीं, तत्कालीन बीडीओ का कहना था कि प्रधान ही अपात्रों को शामिल करने के लिए दबाव बना रहे हैं। नहीं करने पर शिकायत कर रहे हैं। प्रधानों की ओर से मामले की शिकायत कैबिनेट ओम प्रकाश राजभर, स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ ही राज्य मंत्री अनिल राजभर से भी शिकायत की थी। राज्यमंत्री अनिल राजभर ने ग्राम्य विकास विभाग को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में संयुक्त आयुक्त ग्राम्य विकास राजेश कुमार ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इसमें संयुक्त विकास आयुक्त लखनऊ रमेश चंद्र पांडेय और उपायुक्त ग्राम्य विकास विभाग आरएन सिंह को शामिल किया गया है। टीम से एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट तलब की गई है। परियोजना निदेशक डीआरडीए अभिमन्यु सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गुरुवार को पहुंच रही है। टीम गांव जाकर प्रकरण की जांच करेगी।
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बीते साल पवई ब्लाक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों के चयन के दौरान माहौल काफी गरम था। कई गांवों के प्रधानों ने तत्कालीन बीडीओ धीरेंद्र यादव और परियोजना निदेशक डीआरडी डीडी शुक्ल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। वसूली कर अपात्र लोगों को चयनित करने का आरोप लगाया था। वहीं, तत्कालीन बीडीओ का कहना था कि प्रधान ही अपात्रों को शामिल करने के लिए दबाव बना रहे हैं। नहीं करने पर शिकायत कर रहे हैं। प्रधानों की ओर से मामले की शिकायत कैबिनेट ओम प्रकाश राजभर, स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ ही राज्य मंत्री अनिल राजभर से भी शिकायत की थी। राज्यमंत्री अनिल राजभर ने ग्राम्य विकास विभाग को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में संयुक्त आयुक्त ग्राम्य विकास राजेश कुमार ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इसमें संयुक्त विकास आयुक्त लखनऊ रमेश चंद्र पांडेय और उपायुक्त ग्राम्य विकास विभाग आरएन सिंह को शामिल किया गया है। टीम से एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट तलब की गई है। परियोजना निदेशक डीआरडीए अभिमन्यु सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गुरुवार को पहुंच रही है। टीम गांव जाकर प्रकरण की जांच करेगी।
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