{"_id":"59d283ac4f1c1bac538b56e3","slug":"81506968492-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निर्देश के बाद भी नहीं फहराया राष्ट्रीय ध्वज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निर्देश के बाद भी नहीं फहराया राष्ट्रीय ध्वज
Updated Mon, 02 Oct 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती का कार्यक्रम पूरे जनपद में जनपद में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान शासन की ओर से सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का निर्देश दिया गया था।
इस संबंध में एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी की अध्यक्षता में बैठक भी हुई थी। जिसमें उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ ही इस दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी गई थी। इसके बाद भी सोमवार को कई कार्यालय ऐसे रहे जहां राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया। जबकि कई कार्यालय ऐसे रहे जहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद कर्मचारी गायब हो गए और बंदरों ने झंडों को नीचे गिरा दिया। सोमवार को नेडा और जिला निर्वाचन कार्यालय पर निर्देश के बाद भी राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया। इन कार्यालयों में ताला बंद कर अधिकारी और कर्मचारी नदारत थे। वहीं जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय पर झंडा तो फहराया गया था लेकिन अधिकारी और कर्मचारी ताला बंद कर फरार थे। बंदरों ने झंडे को नीचे गिरा दिया था। कोई भी ऐसा कर्मचारी नहीं था जो राष्ट्रीय ध्वज को सहेज सके।
विज्ञापन
इस संबंध में एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी की अध्यक्षता में बैठक भी हुई थी। जिसमें उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ ही इस दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी गई थी। इसके बाद भी सोमवार को कई कार्यालय ऐसे रहे जहां राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया। जबकि कई कार्यालय ऐसे रहे जहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद कर्मचारी गायब हो गए और बंदरों ने झंडों को नीचे गिरा दिया। सोमवार को नेडा और जिला निर्वाचन कार्यालय पर निर्देश के बाद भी राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया। इन कार्यालयों में ताला बंद कर अधिकारी और कर्मचारी नदारत थे। वहीं जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय पर झंडा तो फहराया गया था लेकिन अधिकारी और कर्मचारी ताला बंद कर फरार थे। बंदरों ने झंडे को नीचे गिरा दिया था। कोई भी ऐसा कर्मचारी नहीं था जो राष्ट्रीय ध्वज को सहेज सके।
विज्ञापन