फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   तंबाकू से प्रतिदिन होती है ढाई हजार मौते : सीएमओ

तंबाकू से प्रतिदिन होती है ढाई हजार मौते : सीएमओ

Sat, 23 Mar 2019 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 23 Mar 2019 11:54 PM IST
विज्ञापन
तंबाकू से प्रतिदिन होती है ढाई हजार मौते : सीएमओ
आजमगढ़। तंबाकू जानलेवा है विषय पर शनिवार को सीएमओ सभागार में जागरूकता/प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित हुआ। जिसमें तंबाकू से होने वाले शारीरिक, सामाजिक व आर्थिक नुकसान पर व्यापक चर्चा की गई। इसके साथ ही युवा वर्ग को इससे बचने की अपील की गई। इतना ही नहीं हर स्तर पर समाज में तंबाकू का इस्तेमाल न करने को लेकर जगरूकता फैलाने का भी आह्वान किया गया। एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने कहा कि नशा करने वाला व्यक्ति अपने साथ ही अपने परिवार के भविष्य को भी अंधकार में ढकलेने का काम करता है। उसके नशे की लत से न सिर्फ स्वास्थ्य की हानि होती है बल्कि उसका पूरा परिवार सामाजिक व आर्थिक संकट से गुजरने लगता है। उन्होंने कहा कि इसकी विभिषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश में प्रतिदिन इसके सेवन से ढाई हजार से अधिक लोग की मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारा युवा ही हमारी सबसे बड़ी ताकत होती है, लेकिन वह ही सर्वाधिक इसकी चपेट में है। हमारी कोशिश नशे की लत जकड़े युवाओं को समझाने और नशे के लत से दूर कराने का प्रयास करने की होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि नशे की लत का सर्वाधिक प्रभाव मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। इससे न सिर्फ कैंसर होने की प्रबल संभावना होती है तो वहीं हृदय रोग, टीबी, लकवा, दृष्टि विहिनता आदि रोग भी तेजी से फैलते है। इसके बाद इलाज में परिवार की सारी संपत्ति समाप्त हो जाती है, लेकिन बीमार व्यक्ति ठीक नहीं होता है। एडीशनल सीएमओ डॉ. परवेज ने बताया कि यदि धुम्रपान करने वाला व्यक्ति 20 मिनट धुम्रपान ना करे तो उसके हृदय की गति सामान्य हो जायेगी। उसके शरीर से निकलने वाली कार्बन मोनोआक्साइड गैस 24 घंटे बाद शरीर से बाहर निकल जायेगी। इसके साथ ही 72 घंटे बाद सांस लेना भी आसान हो जायेगा एवं साथ ही साथ दो से चार हफ्ते बाद रक्त संचार में भी सुधार आ जाता है। उन्होंने बताया कि शोध में ये पाया गया है कि धुम्रपान छोड़ने वाले व्यक्ति कि हृदय से संबंधित खतरे का जोखिम आधा हो जाता है। प्रशिक्षण कार्यशाला में डिप्टी सीएमओ डॉ. एके सिंह, मनीष तिवारी आदि ने भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यशाला में बिहान संस्था के प्रोजेक्ट निदेशक बृजभान यादव, डॉक्टर, फार्मासिस्ट, एलटी, स्टाफ नर्स, एएनएम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed