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कुरान में जिंदगी जीने का बताया गया है तरीका
Updated Sat, 24 Nov 2018 11:36 PM IST
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आजमगढ़। अंजुमन गुलशने रसूल तकिया पहाड़पुर में शुक्रवार की रात जश्रे ईद मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया। जलसे की शुरुआत कुरआन की तिलावत से की गई। जलसे के मुख्य वक्ता मधुबनी बिहार प्रांत के मौलाना फिरोजउल कादरी ने खिताब करते हुए कहा कि अल्लाह ने अपने नबी को दुनियां में भेजा और कुरआन को भी नाजिल किया। कुरआन में एक बेहतर जिंदगी जीने का तरीका बताए जाने के साथ ही हर मुसलमान के लिए नमाज को हर हाल में पढ़ना जरुरी करार दिया गया है। उन्होंने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब ने अरब में फैली हुई बुराइयों को दूर किया तो बहुत से लोग इस्लाम के प्रति ईमान लाए। उन्होंने कहा कि आज साइंस जिन चीजों की खोज करने का दावा करती है वह कुरआन में चौदह सौ साल पहले ही बता दिया गया है। उन्होंने कहा कि जो इंसान इस्लाम के बताए हुए रास्ते पर चलते हुए रोजा, हज, नमाज, जकात जैसे फर्ज को पूरा करता है उसे जहन्नम की आग जला नहीं सकती है और ऐसे ही लोगों की बक्साइस अल्लाह करेगा। जलसे में नातिया शायर मुशीर आजमी, राशिदरजा बरेलवी, मोहम्मद अजीम रिजवी, अशरफ अली, मौलाना कारी अख्तर, ने हजरत मोहम्मद साहब की खूबियों का बयान अपने-अपने नातिया कलाम के जरिए पेश किया। जलसे का संचालन मौलाना कैसर आजमी ने किया। इस मौके पर अंजुमन गुलशने रसूल के अध्यक्ष अब्दुल्लाह राईनी, संरक्षक परवेज अहमद सहित अंजुमन के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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