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बीएसए कार्यालय पर छापा, पुरानी किताबें और जूते सील
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:02 AM IST
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आजमगढ़। जूनियर हाई स्कूल जाफरपुर परिसर में बने गोदाम में काफी मात्रा में पुरानी किताबें और जूते पड़े होने की शिकायत पर मंगलवार को एसडीएम सदर ने छापा मारकर गोदाम में मिलीं किताबें और जूतों को सील कर दिया। इसकी शिकायत प्रयास संस्था के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से की थी। नया शिक्षण सत्र शुरू हुए चार माह बीत चुके हैं, लेकिन परिषदीय विद्यालयों में अब तक बच्चों को किताबें नहीं मुहैया हो पायी है। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग के गोदाम और कुछ बीआरसी पर काफी मात्रा में पड़ी पुरानी किताबें धूल फांक रही है। नियमत: इन किताबों को सत्र शुरू होते ही वितरित किया जाना चाहिए था। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग ने ऐसा नहीं किया। इसकी शिकायत सामाजिक संगठन प्रयास ने जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी से कर दिया। जिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को जांच का निर्देश जारी कर दिया। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर बुधवार को बेसिक शिक्षा विभाग के जूनियर हाई स्कूल जाफरपुर स्थित गोदाम पर पहुंचे। जांच पड़ताल में गोदाम पर 5548 पुरानी किताबें पायी गई। वहीं बीआरसी पल्हनी समेत अन्य कई बीआरसी पर भी 17800 पुरानी किताबें रखी मिली। वहीं गोदाम पर भारी मात्रा में पुराने जूते भी पड़े मिले। जिन्हें एसडीएम ने सील कर दिया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग के गोदाम और बीआरसी केंद्र की जांच पड़ताल की गई। जहां काफी मात्रा में पुरानी किताबें, जूते आदि मिले है। जिन्हें सील कर दिया गया है। पुरानी किताबें और जूते अब तक गोदाम पर क्यों है यह जांच का विषय है। जांच के बाद ही इन चीजों के गोदाम में पड़े होने का स्पष्ट कारण ज्ञात हो सकेगा। आगे उच्चाधिकारियों से जैसा निर्देश मिलेेगा, वैसी कार्रवाई की जायेगी।
प्रकाश चंद, एसडीएम, तहसील-सदर, आजमगढ़।
गोदाम में किताब और जूतों के साथ ही बैग और मोजे भी पड़े हुए है। पुरानी नयी किताब आने पर साथ में वितरित करायी जाती है। जूते वह रिप्लेस के लिए है। लगभग 41 हजार जूते खराब थे, जिन्हें बच्चों ने वापस किया है। कंपनी को उसे रिप्लेस करना है। अब तक मात्र 10 हजार जूते ही रिप्लेस होकर मिले है। इसके अलावा 90 हजार मोजे और 45 के लगभग बैग भी खराब हाल में रखे हुए हैं। इन्हें संबंधित कंपनी को बदलना है। मोजा उपलब्ध कराने वाली कंपनी ने काम छोड़ दिया है। वहीं बैग भी नहीं बदले जा सके हैं। सामानों के गोदाम में होने के पीछे किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी की बात नहीं है। जिलाधिकारी ने रिपोर्ट मांगी है, जल्द ही अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंप देंगे।
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देवेंद्र पांडेय, बेसिक शिक्षाधिकारी, आजमगढ़।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग के गोदाम और बीआरसी केंद्र की जांच पड़ताल की गई। जहां काफी मात्रा में पुरानी किताबें, जूते आदि मिले है। जिन्हें सील कर दिया गया है। पुरानी किताबें और जूते अब तक गोदाम पर क्यों है यह जांच का विषय है। जांच के बाद ही इन चीजों के गोदाम में पड़े होने का स्पष्ट कारण ज्ञात हो सकेगा। आगे उच्चाधिकारियों से जैसा निर्देश मिलेेगा, वैसी कार्रवाई की जायेगी।
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प्रकाश चंद, एसडीएम, तहसील-सदर, आजमगढ़।
गोदाम में किताब और जूतों के साथ ही बैग और मोजे भी पड़े हुए है। पुरानी नयी किताब आने पर साथ में वितरित करायी जाती है। जूते वह रिप्लेस के लिए है। लगभग 41 हजार जूते खराब थे, जिन्हें बच्चों ने वापस किया है। कंपनी को उसे रिप्लेस करना है। अब तक मात्र 10 हजार जूते ही रिप्लेस होकर मिले है। इसके अलावा 90 हजार मोजे और 45 के लगभग बैग भी खराब हाल में रखे हुए हैं। इन्हें संबंधित कंपनी को बदलना है। मोजा उपलब्ध कराने वाली कंपनी ने काम छोड़ दिया है। वहीं बैग भी नहीं बदले जा सके हैं। सामानों के गोदाम में होने के पीछे किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी की बात नहीं है। जिलाधिकारी ने रिपोर्ट मांगी है, जल्द ही अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंप देंगे।
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देवेंद्र पांडेय, बेसिक शिक्षाधिकारी, आजमगढ़।